Friday, January 16, 2009

जबलपुर , कानपुर , शादी की सालगिरह और जन्मदिन

http://web.archive.org/web/20140331063016/http://hindini.com/fursatiya/archives/571

42 responses to “जबलपुर , कानपुर , शादी की सालगिरह और जन्मदिन”

  1. seema gupta
    “मानसी ji, “wish you many many happy returns of the day” happy birthday.”
    Regards
  2. SHUAIB
    मानगए आपके पास फुरसत ही फुरसत है लिखने की और घूमने फिरने की भी। मज़ेदार लेख है। मानसीजी को जनमदिन की बधाई।
  3. कुश
    बढ़िया रही जी जबलपुर कथा.. मानसी जी को जन्मदिवस की बधाई..
  4. Abhishek Ojha
    बढ़िया लगा यात्रा वृतांत. और कॉलेजों का तो यही हाल है… शायद अमल के पास होते-होते निर्माण पुरा हो जाय.
    मानसी जी को जन्मदिवस की बधाई..
  5. Abhishek Ojha
    अब कॉलेज का निर्माण है आरक्षण तो है नहीं की अर्जुन सिंह जैसे महारथी आनन फानन में पूरा करें ! :)
  6. Smart Indian
    बस यूँ ही, इधर से गुज़र रहा था, सोचा आपसे मिलता चलूँ. आप तो जबलपुर जाकर भी दोस्तों से नहीं मिले और मानसी जी ग्रोव सिटी तक आकर भी पिट्सबर्ग नहीं आयीं सो लगता है की आने-जाने की यह जिम्मेदारी अब मेरे ही कन्धों पर है. वैसे भी मेरे दादा जी समझाया करते थे –
    आना-जाना, खिलाना-खाना
    मिलना-मिलाना, दोस्ती बचाना
    मानसी जी को जन्मदिवस की बधाई!
  7. प्रियंकर
    हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधिका मानसी को जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं !
    परसाई गुरू तौ बहुतै जमताऊ व्यंग्यकार हइयैं.
  8. कविता वाचक्नवी
    रोचक व संस्मरणात्मक।
    “हमें शिकायत है”
    में दर्ज किया जाए कि
    जबलपुर यात्रा आरम्भ करने पर आपने हमें पूर्व सन्ध्या की बधाई दी थी और फिर २५ को तड़के भी जबलपुर से। अब जबकि यह कानपुर की धरती से नहीं हुआ तो जबलपुर-वृत्तन्त में तो आना चाहिए न!
  9. ताऊ रामपुरिया
    मान. मानसीजी को जन्मदिन की हार्दिक बढाई.
    आज आपने टुन्नू जी और पिंटू जी का जिक्र ज्यादा नही किया तो क्या इसे जबलपुर यात्रा वृतांत की समापन किस्त माना जाये.
    रामराम.
  10. mahendra mishra
    पोस्ट में परसाई जी को स्मरण करने के लिए आभार साथ ही मानसी जी को जन्मदिन के अवसर पर शुभकामना और ढेरो बधाई .
    महेंद्र मिश्रा
    जबलपुर.
  11. bhuvnesh
    बहुत अच्‍छा लगा काफी समय बाद समय निकालकर आपको पढ़ना….जबलपुर के किस्‍से अच्‍छे लगे….नैनीताल के किस्‍से पढ़ नहीं पाये हैं उनको भी पढ़ते हैं किसी दिन
    मानसीजी को जन्‍मदिन की शुभकामनाएं
  12. neeraj
    जबलपुर यात्रा का वृतांत हम पूरा पढ़ लिए साथ ही ब्लोगर भाई बंधुओं से मिलन के किस्से भी…आपने वहां खाया क्या इस बात को लेकर अभी तक हम परेशां हैं और आप हैं की उस पर कुछ नहीं लिख रहे…ये हम जैसे लार टपकाऊ व्यक्ति के साथ बहुत ना इंसाफी है…खैर अब बतईये की mumbai की कब यात्रा कर रहे हैं…यहाँ भी ब्लोगर रहते हैं जिनसे कभी मिलना ना हो पाया शायद आप के साथ हो जाए…आ रहे हैं क्या?
    नीरज
  13. समीरलाल
    आपने अपनी जबलपुर कथा बहुत ही रोचक अंदाज में सुनाई. आनन्द ही आनन्द आ गया.
    आपका आना आनन्दकारी था, आपका लिखना उस आनन्द को कई गुणित कर गया. वाह!!
    अच्छे गाने वालों की लिस्ट हम पर आकर बन्द..हा हा!! उससे अच्छा तो खराब वालों में टॉप कराये देते, प्रभु!! :)
    मानसी के जन्म दिन की सूचना देने के लिए आभार. मानसी को जन्म दिन की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.
    कविता जी ऐसे विष्शिट मौके पर यहाँ से निकल गईं और हमारे समधियाने के लोग उनसे मिले भी-हमें खबर तक न हो पाई, बहुत बुरी बात. उन्हें शादी की रजत जयंति वर्षगांठ की हृदय से बधाईयाँ एवं शुभकामनाऐं. कविता जी का जबलपुर आना अब ओवर ड्यू माना जायेगा.
    एक बार पुनः, इस सुन्दर निराली श्रृंखला के लिए समस्त लाल परिवार आपका आभारी है. सभी परिजनों को लिंक भेजे जा चुके है. :)
  14. प्रियंकर
    कविता जी को विवाह की रजत जयंती मुबारक हो !
  15. विनय
    अद्भुत रहा आपको पढ़ना!
    —मेरा पृष्ठ
    गुलाबी कोंपलें
    ————————-
    —मेरा पृष्ठ
    चाँद, बादल और शाम
  16. कविता वाचक्नवी
    चलिए हमारी शिकायत को जायज करार देते हुए आपने हमें अमर कर दिया, अब कुछ भी हो गुजरे, पर आपकी हमको भेजी मुबारकबाद का इतिहास कालजयी हो गया, सो अब कोई चिंता नहीं; क्योंकि इस अमरता से बड़ी चाहत धरा-धाम पर किसे होगी? यदि कभी भविष्य में कोई अनबन भी हो गई तो इतिहास खंगाला जा सकता है।
    ऊपर के परिहा्सात्मक आभार के बाद अब एक सीरियस-सा बहुत-बहुत हार्दिक धन्यवाद कि अभी आपने हमारी चुहल को इतना सीरियसली लिया। … और उस दिन तड़के हमें अपनी स्नेह-आत्मीयतापूर्ण शुभकामनाओं से विभोर किया।
  17. कविता वाचक्नवी
    प्रियंकर जी व समीर जी को अतिशय धन्यवाद।
    और हाँ, समीर जी को तो किसी दिन शायद हम टोरंटो की धरती पर ही सरप्राईज़ देने पहुँच जाएँ…. वरना जबलपुर के लिए तो अग्रिम आभार है ही।
  18. समीर लाल
    कविता जी, आप जब भी जहाँ भी आयेंगी, आपका सदैव स्वागत रहेगा.
    अब इन्तजार रहेगा.
    सादर
    समीर लाल
  19. Arvind Mishra
    इस पोस्ट में कई इतनी मार्के की बातें आ गयीं कि किस पर टिप्पणी करुँ और क्या छोडूं ? पाठक पर थोडा तो रहम किया करें !
    चलिए मानसी की जन्मदिन पर बधाई दे देते हैं -और जबलपुर संस्मरण के समापन पर शुक्रिया ! परसाई जी छूट रहे हैं उसके जिम्मेदार आप ही हैं !
  20. Gyan Dutt Pandey
    आप बहुत अच्छा लिखते हैं। शुभकामनायें।
    कभी हमारे ब्लॉग पर भी आइयेगा।
  21. लावण्या
    सौ.कविता जी को व वाचकनवी भाई साहब को,
    २५ साल की बहुत बहुत बधाई ~~
    सौ. मानसी को जन्म दिन मुबारक !
    बजाज परिवार से मिलना सुखद रहा और
    यह यात्रा वृताँत बढिया रहा
    - लावण्या
  22. ranjana
    सही कहा आपने,अच्छे लोगों का संपर्क/सत्संग बड़े सौभग्य से मिलता है.
    सुंदर संस्मरण है.
  23. विष्‍णु बैरागी
    आपको पढना सदैव ही रोचक लगता है। आपके यात्रा वृतान्‍त मानो सजीव चित्रण हो। लगता है, जबलपुर जल्‍दी ही ब्‍लागपुर में बदल जाएगा।
  24. दिनेशराय द्विवेदी
    ’दीर्घ दन्ता क्वचित मूर्खा’! ये कहावत हम पर भी फिट बैठती है।
    कविता जी को शादी की सालगिरह और मानसी जी को जन्मदिन मुबारक।
    आप से शिकायत पुरुष ब्लागरों के जन्मदिन भी याद कर लिया करें।
  25. विवेक सिंह
    मानसी जी को जन्मदिवस मुबारक हो !
    बाकी ज्ञान जी की टिप्पणी को हमारी भी समझा जाए :)
  26. गौतम राजरिशी
    चरचा जबलपुर की रोचक रही….और आप परसाई जी से भेंटिया आये हैं,तो थोड़ी सी जलन हुई
    और मनोशी जी को हम पहले ही विशिया आये थे
  27. Manoshi Chatterjee
    शुक्रिया अनूप मेरा जन्मदिन याद रखने का। दोस्त याद करें तो बहुत अच्छा लगता है। मेरी तारीफ़ करने का भी शुक्रिया :-) हाँ, आपसे पिछले ५ साल से बात करती आ रही हूँ, आप बहुत ही नेक इंसान हैं, इसमें क्या शक़ है।
    सीमा जी, शुएब जी, कुश जी, अभिषेक जी, अनुराग जी, प्रियंकर जी, कविता जी, ताऊ रामपुरिया जी, भुवनेश जी, महेन्द्र जी, समीर, अरविंद जी, लावण्य दी आप सभी को शुक्रिया। अनूप इस बात को ब्लाग पर डाल देंगे पता नहीं था। :-)
  28. ghughutibasuti
    बहुत आनन्द आया पढ़कर। मानसी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ।
    घुघूती बासूती
  29. amit
    बढ़िया यात्रा संस्मरण, पढ़कर आनंद आया! सब मामला चोखा लगा! :)
    मानसी जी को जन्मदिन की विलंबित बधाई! :)
  30. Shiv Kumar Mishra
    आप परसाई जी से मिले हैं! ये तो बहुत बड़ी बात है. मैं उनसे नहीं मिल सका. लेकिन एक बात है. आपसे मिलकर ये कमी पूरी की जायेगी. वैसे मेरी इच्छा के पी सक्सेना जी से मिलने की है. जब भी कानपुर/ लखनऊ गया तो कोशिश करूंगा.
    जबलपुर यात्रा के बारे में सारी पोस्ट शानदार! सवाल वही है, जो पहले से पूछा जाता रहा है. कैसे लिख लेते हैं ऐसा?
    मानसी जी को जन्मदिन की शुभकानाएं.
    कभी मेरे ब्लॉग पर भी पधारें. पता है;
    http://www.shiv-gyan.blogspot.com
    पधारने के लिए अग्रिम धन्यवाद…..:-)
  31. archana
    Anoop ji namaste,
    mujhe Deepak, Rachana,aur Nishi se unka yatra anubhav sunsne ko mila.josame aap bhi shamil the.usi ki badolat pahali bar aapki post padi.bahut achcha lagi.Rachana ka dhanyawad is rachanatmak pariwar se jodne ke liye.
  32. कविता वाचक्नवी
    लावण्या जी, द्विवेदी जी व सभी मित्रों को आभार।
  33. डा प्रवीण चोपडा़
    आप की पोस्ट पढ़ कर बहुत अच्छा लगा — बहुत सी बातें पता चलीं। शुभकामनायें.
  34. Dr Prabhat Tandon
    आपके ब्लागमे आ कर तो आपके संस्मरणॊं मे खो ही जाता हूँ , कमाल का लिखते हैं आप , हाँ शुऐब की बात से सहमत हूँ कि घूमने का मौका और समय खूब निकाल लेते हैं :)
  35. deepak
    parsai ji se meri lambi mulakat hui thi 1991 men mahan aadmi rahe
  36. rajesh
    wah ! apne mere guruji ko yaad kiya , dhanyawad .parsai rachnawali yaadi mil jaye to jaroor padhiyega , mere blog rang parsai ko bhi visit kariyega .regards
  37. रचना बजाज
    कुछ दिनो से चल रही आपकी जबलपुर कथा अब जब खत्म हुइ तो मैने चैन की सांस ली :). वहां दो दिन हम भी आपके सानिध्य मे रहे थे तो लग रहा था पता नही किस बात को आप कैसे प्रस्तुत कर देंगे.. और आपकी प्रतिष्ठा है भी ऐसी की सब लोग आपकी हर बात को सच मान लेते हैं! जैसे आपने कहा कि इंटरनेट उपलब्ध नही था लेकिन सच ये है कि आपके प्रिय मित्र दीपक के सौजन्य से आपको ये सुविधा मिली थी ( कुछ देर के लिये ही सही ).. आप तो वहीं से जबलपुर की रिपोर्ट प्रस्तुत कर देते, लेकिन हमने ऐसा होने नही दिया वरना लोग इतनी विस्तृत कथा से वंचित रह जाते! :)
    आपके आने से पहले की शाम बवाल जी ने हिन्दी ब्लॊगिंग का झंडा मेरे हाथो थमा दिया था! क्यो‍ कि समीर जी तो होस्ट थे और बवाल जी को-होस्ट)‍ भगवान की दया से सबकुछ ठीक ही रहा.. :)
    समीर जी के यहां की व्यवस्था, स्नेह और आपसे भेंट ( दोनो अर्थों मे :) ) सबकुछ बहुत अच्छा रहा…
    कविता जी और मानसी जी, नमस्ते! अब बहुत ज्यादा लेट हो चुकी हूं.. फ़िर भी शुभकामनाएं तो दे ही सकती हूं :)
    रचना.
  38. Dr. Vijay Tiwari " Kislay "
    अथ जबलपुर कथा , परसाई स्मरण , बहनों का जन्म दिन सब कुछ समेट आपने
    बधाई
    - विजय
  39. anitakumar
    रोचक वर्णन्। कविता जी और मानसी जी को हमारी तरफ़ से भी शुभकामनाएं।
  40. Pankaj
    Really good !!!!
  41. : फ़ुरसतिया-पुराने लेखhttp//hindini.com/fursatiya/archives/176
    [...] जबलपुर , कानपुर , शादी की सालगिरह और जन्… [...]
  42. AKASH
    लेख पढ़कर बहुत अच्छा लगा , कनपुरिया भाषा की बात ही अलग है |
    और रही एन.आई.टी. की दुर्दशा का प्रश्न तो हम भी वही भुगत रहे हैं , बसा हम जबलपुर में नहीं तो दुर्गापुर में सही |
    सादर
    AKASH की हालिया प्रविष्टी..तुम कुछ-कुछ मेरे जैसे हो

Post Comment

Post Comment

No comments:

Post a Comment

Google Analytics Alternative