Friday, July 25, 2025

गोपाल चतुर्वेदी जी विनम्र श्रद्धांजलि

 


आदरणीय गोपाल चतुर्वेदी जी Gopal Chaturvedi के व्यंग्य लेख बहुत पहले से पढ़ने शुरू किए थे। दफ़्तरी जीवन पर लिखे व्यंग्य खासतौर पर उनकी ख़ासियत थे। उनसे पहली बार मुलाक़ात एक लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम में हुई। शायद नेशनल बुक ट्रस्ट के कार्यक्रम में , जिसके लखनऊ में आयोजन का ज़िम्मा अनूप श्रीवास्तव जी पर था। उस कार्यक्रम में लोगों ने अपने व्यंग्य लेख पढ़े थे। गोपाल चतुर्वदी जी ने मेरे लेख 'आदमी रिपेयर सेंटर' की तारीफ़ करते हुए हौसला आफजाई की थी।

एक बार कुछ देर के लिए, लखनऊ के कुछ मित्रों के साथ, उनके घर भी गया था।
गोपाल चतुर्वेदी जी सहज रूप से उत्साह बढ़ाने वाली बातें करते थे। जो भी व्यंग्यकार लखनऊ जाता , उनसे ज़रूर मिलता। वे साहित्यकारों/व्यंग्यकारों के आदरणीय बुजुर्ग थे।
एक दिन 'अमृत विचार' अख़बार में छपे लेख को पढ़कर उन्होंने मुझे फ़ोन किया। लेख की तारीफ़ की। यह भी बताया कि मेरा लिखा वे पढ़ते रहते हैं। मेरे लिए यह सुखद आश्चर्य का विषय था कि उनके पास मेरा नम्बर था और उन्होंने मेरा लिखा पढ़कर मुझे फ़ोन किया। उस दिन बहुत देर तक बात हुई। नंदन जी मेरे मामा थे, यह पता लगने पर उन्होंने नंदन जी से जुड़ी तमाम यादें साझा की। मैंने तय किया था कि लखनऊ जाने के बाद उनसे मुलाक़ात करेंगे।
लेकिन आज सुबह Arvind Tiwari जी की फेसबुक वाल पर उनके निधन का समाचार बहुत अफ़सोस हुआ। कुछ दिन पहले ही उनकी जीवन संगिनी का भी निधन हुआ था। उनके निधन में अपनी जीवन संगिनी के विदा होने का सदमे का भी योग रहा होगा।
गोपाल चतुर्वदी जी का विदा होना एक वरिष्ठ व्यंग्यकार और बेहतरीन इंसान का विदा होना है। उनके निधन पर दुख और संवेदना प्रकट करते हुए उनके प्रति विनम्र श्रद्धांजलि ज्ञापित करता हूँ।

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