Thursday, February 19, 2009

बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि

http://web.archive.org/web/20140419212817/http://hindini.com/fursatiya/archives/589
rowse: Home / पुरालेख / बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि

37 responses to “बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि”

  1. anil pusadkar
    आपको बहुत-बहुत बधाई और भतीजी को आपसे बहुत ज्यादा शुभकामनाएँ।ईश्वर उसे सदा सुखी रखे,उसकी हर मनोकामना पूरी करे।
  2. विनय
    वाह जी, आपसे तो काफ़ी शिक्षाएँ मिल रही हैं। अच्छा तो आप लिखते हैं इस बात को लिखने से कोई फ़र्क़ पड़ता है क्या?

    गुलाबी कोंपलें
    चाँद, बादल और शाम
  3. Tarun
    आपको और सुधा को मंगलकामनायें हैं लेकिन ये फर्जीपना २४ नंबर से कैसे शुरू पहले के २३ आप हड़प गये क्या
  4. दिनेशराय द्विवेदी
    जै हो! यानी हर हाल में ब्लागिंग जारी रहे!
  5. बवाल
    हा हा फ़ुरसतिया साहब, आप जब तक जबरिया लेने की सोचेंगे, हम अपनी प्यारी बिटिया सुधा को अपनी शुभ-मंगलकामनाएँ प्रेषित भी कर चुके होंगे। और वो जबरिया नहीं होंगी। हा हा ।
    बहुत बहुत आशीर्वाद सुधा बिटिया को उसके सुन्दर और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए।
  6. seema gupta
    आपकी छोटी भतीजी सुधा जी के विवाह पर आपको बधाई और सुधा जी को सुखमय जीवन की शुभकामनाये और ढेर सारा आशीर्वाद….”
    regards
  7. roushan
    ब्लोगिंग में एक बार जो कूद गया वो ब्लोगिंग से दूर नही जा सकता चाहे कितनी भी कोशिश कर ले
    मंगलकामनाएं आप ले ही चुके हैं हम स्वीकृति दे देते हैं ढेर सारी बधाइयाँ
  8. डा. अमर कुमार

    भाई जी, लाख टके की पोस्ट है..
    मेरी दुखती कमर पर जैसे आयोडेक्स !
    मैं तो कई बार जुतियाये जाने की कगार तक पहुँच कर लौट आया ।
    पर बेइज़्ज़ती ख़राब होने को परिभाषित न कर पा रहा ।
    जहाँ हर कृत्य आभासी हो, गाली ससुरी कैसे वास्तविक लगने लगती है ?
    नारद तक तो चलेगा.. पर् मँथरा नहीं..
    वह् एकता कपूर् की है ।
    मैं स्वयं ही ” यावत् जीवेत् हँसत् जीवेत् – पादुका खावत् मौज़म् लीवेत् ” के टैग का अनुगामी हूँ :)
  9. Dr.anurag
    जब तक बोतलों के ढक्कन सलामत हैं!
    जाओ नहीं पढ़ते क्या कल्लोगे?
    ऐसा लगा एक लाइना का पैकेज एक साथ बाजार में डाल दिया है ..ओर ऐसा डाला है की हिट हो गया है .सुबह सुबह आपने डोज दे दी है….जब भी जूही चावला का कुरकुरे वाला एड देखता हूँ “पिंटू थोड़ा टेडा लागे है “…कसम से सोचता हूँ..की कही आपने तो नही लिखा ?या किसी कानपुर वाले ने ….जे हो शुक्ल जी की…….
  10. डा. अमर कुमार

    अउर बधावा तो रहिये गया था ।
    वहू लेयो.. अउर हमार बायना भेजना न भेजना ।
    पर, निश्चित तिथि की सूचना जरा फोनिया देना,
    पहुँचता हूँ, बिना स्पर्श किये आभासी आशीर्वाद तो मैं नहिंये देता हूँ ।
  11. कविता वाचक्नवी
    प्रिय सुधा को नव दाम्पत्य की इस मंगल परिणय वेला में अनन्त शुभाकांक्षाएँ। उसका वैवाहिक जीवन सुख ,परितोष, समृद्धि और सौभाग्य से भरा रहे। समस्त प्रकार से मंगलमय जीवन हो।
    दम्पति को स्नेहाशीष व आप परिवारीजनों को हार्दिक बधाई!
  12. कुश
    हमार शुभकामनाए तो है ही जी… किंतु आप कमाल है.. लोग वहाँ आपको ढूँढ ढूँढ कर हलकान हुए जा रहे है.. और आप यहाँ बैठे बिलागिंग कर रहे है.. जल्दी जाइए सब चिल्ला रहे है.. चाचा जी को बुलाओ..
  13. Gyandutt Pandey
    जीतेन्द्र चौधरी हिन्दी ब्लॉग जगत के दैदीप्यमान रत्न हैं। उनसे कोई “मौज” न ली जानी चाहिये।
    बाकी आप जबरी मंगलकामनायें क्यों ले रहे हैं – हम सहर्ष दे रहे हैं!
  14. Abhishek Ojha
    हमारी मंगलकामनाएं तो हमेशा ही हैं !
  15. kanchan
    बेटी की शादी….! बहुत सारे भाव कुछ इसी तरह के मेरे मन में भी चल रहे हैं आजकल…! यूँ अभी बस बाते हीं चल रही हैं, भांजी की शादी की, लेकिन कल रात ही गुनगुना रही थी
    राज की बात बताएं, ये पूँजी जीवन की,
    शोभा आज से है ये आपके आँगन की

    और आँखें नम होने लगी…!
    ईश्वर करे बिटिया जहाँ जाये वहाँ से सिर्फ खुशियाँ पाये और खुशियाँ लुटाये और हमें भी वहाँ से खुशियाँ लौटाये…!
  16. ताऊ रामपुरिया
    बीटिया को मंगलमय दाम्पत्य जीवन की बहुत शुभकामनाएं.
    और ब्लांगिंग भी अजीब है साब. उधर बारात वाले काका ससुर को ढूंध कर हल्कान हुये हारहे हैं और वो यहां बैठे बिलगिया रहे हैं.:)
    बहुत बधाई हो. सब आनन्द मय और मंगल मय हो.
    रामराम.
  17. SHUAIB
    हे चुप ख़ामूश और ख़बरदार !
    ये ऊपर वाली लाईन मैं अपने आप से बोल रहा हूं :)
    क्या बोलें ?
    और क्या बोलें ?
    जीतू भाई और आप दोनों को सलाम
  18. SHUAIB
    और हां
    ख़ामूश हिन्दी चिट्ठाजगत को हंसाने और जगमाने के लिए आप दोनों को बधाई
  19. डा. अमर कुमार

    ठहरिये, मैं सिफ़ारिश लगाता हूँ…
    जरा हमारे गुरुवर ज्ञानदत्त जी की भी सुनी जाये,
    उनका एतराज़ है, कि जब तलक मौज़ लिये जाने योग्य एक देदीप्यमान रत्न उनमें छिपा है ।
    तब तक श्री दे.र. जितेन्द्र चौधरी को न डिस्टर्ब किया जाय ।
    वल्लाह.. इस सादगी पर कौन न मर मर जाये !!

    दे.र. = देदीप्यमान रत्न
  20. विवेक सिंह
    शुभ विवाह के अवसर पर समस्त शुक्ल परिवार को ढेरों बधाइयाँ !
    आज तो मैंने सोचा था आप कुछ नहीं लिखोगे शायद . हाँ अगले कुछ दिनों में आप अवश्य झिलाते ! कल की पोस्ट पर लड्डू का फोटू अवश्य लगना माँगता है :)
  21. विवेक सिंह
    एक बात पूछना भूल गए . ये बच्चा कौन है ऊपर ? आपका बचपन का फोटू लगता है मुझे !
    क्या ? मैं पहेली जीत गया ?
  22. Arvind Mishra
    भतीजी को आशीष ! आपने यह नही बताया की आखिर इतने बहाने गढे क्यों जा रहे हैं ? क्या ब्लॉग्गिंग की निरर्थकता पर मुहर लग गयी !
  23. archana
    “खुशी-खुशी कर दो बिदा तुम्हारी बेटी राज करेगी” अनेक शुभकामनाएँ ।
  24. समीर लाल
    सुधा के शुभ विवाह के अवसर पर मंगलकामनाऐं एवं नव दंपत्ति को आशीष.
    नंदन जी रचना विशेष तौर पर पसंद आई. बहानेबाजी तो खैर है ही टॉप पर. :) जय हो!!
  25. Smart Indian
    जबरदस्त बहानों का लाजवाब जवाब! [कौन सा अलंकार हुआ?]
    नंदनजी का छंद बहुत अच्छा लगा. आपको बधाई और भतीजी को शुभकामनाएँ!
  26. Manoshi
    आपकी भतीजी को हमारी ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें।
  27. Indra Awasthi
    Bahut bahut mangal kaamanaayen!
    Baat karte hain zaldi
  28. उन्मुक्त
    बेटी सुधा को नये जीवन में पदार्पण करने की शुभकामनायें।
  29. anupam agrawal
    बधाईयाँ और ढेर सारी शुभकामनायें बिटिया के वैवाहिक जीवन के लिये
  30. Arkjesh
    Hi shukul ji,
    How r u.
    “Blog na likhane ke bahanon” ki khinchaai bhut hi majedaar lagi.
    Very humorous. Jyada tarrif isaliye nahin kar raha hun ki aap naga na maan jaayen.
    Badhai.
  31. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
    बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि
    शक्ति दे, शालीनता दे और संस्कार दे।

    सौभाग्यवती सुधा को हमारा स्नेह और आशीर्वाद।
    एक और ‘ढिंचक’ पोस्ट के लिए आपको बधाई और धन्यवाद।:)
  32. anitakumar
    बहानों के जवाब टॉप क्लास्…॥अमर कुमार जी की टिप्पणीयां (खास कर ज्ञान जी की चुटकी लेती) नंबर वन।
    सुधा बिटिया को ढेर सारी शुभकामनाएं, बहुत सुंदर लग रही है इस फ़ोटो में । फ़ोटो और भी दिखाये जाएं ताकि हमें भी लगे कि हम भी वहीं थे।
  33. satish saxena
    आपकी और जीतू भाई की जोड़ी सलामत रहे, नोकझोंक आनंद दायक है ! जीतुभाई को चिटठा चर्चा पर आकर आपकी “हरकतों” पर और लिखना चाहिए !
    सुधा बेटी को आशीर्वाद !
  34. अतुल शर्मा
    मेरी ओर से शुभकामनाएँ।
  35. नीरज रोहिल्ला
    हम तो जबरिया बधाई देंगे, कोई का कर लेगा हमारा। बाली उमर में एक बार फ़िर ससुर बनने पर बधाई हो :-)
    सुधा हमारी तो बहन हुयी तो हम तो खुशी में इंडियन स्टोर जाकर मिठाई खायेंगे भी और अपने रूममेट को भी खिलायेंगे। और अगली भारतयात्रा में आपसे भी जमकर खायेंगे।
  36. विकास पाण्डेय
    बाबुल की दुवाऐँ लेती जा॰॰
    कमान इतना न खीँचो की डोरी ही टूट जाऐँ।।
    आगे इतना भी न बढ़ो की साथ ही छूट जाऐँ।
    छपासकीड़ीकाट जगत मे आलोचना की स्वस्थ परंपरा विकसित की जानी चाहिऐँ।
    वरना खिसियानी बिल्ली तो नोचती ही हैँ??
    पाँय लाँगू
  37. : फ़ुरसतिया-पुराने लेखhttp//hindini.com/fursatiya/archives/176
    [...] बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि [...]

Leave a Reply


Tuesday, February 17, 2009

जरा नम्र हो जा मजा आयेगा

http://web.archive.org/web/20140420024546/http://hindini.com/fursatiya/archives/588

34 responses to “जरा नम्र हो जा मजा आयेगा”

  1. seema gupta
    इतने बहाने गिनाई दिए आपने “लोगों से झूठी तारीफ सुनते सुनते थक गए थे, इसलिए थोड़ा ब्रेक लिया है।
    ब्रेक के बाद क्या लोग सच में तारीफ़ करने लगेंगे?” हा हा हा हा हा हा बात में दम है गारंटी किसी बात की नाही ….
    और आपकी पसंद की इ दुई लाइना हमका भी भा गयी ……
    जिसे बदगुमानी पे भी नाज है,
    उसे दिल दिखा करके क्या पायेगा।
    regards
  2. nirmla.kapila
    अगर खाव देखा है तो तामीर कर् ये जज़्वा बुलंदी पे पहुन्चायेग क्या खूब कहा है बहुत बहुत बधाइ
  3. manvinder bhimber
    आप के ब्लॉग पर कई दिन के बाद आना हुआ है…..पुरी पोस्ट एक ही साँस में पड़ गई हूँ….subaha सुबह मूड fresh हो गया …….बहुत बहुत बधाई …….सो बहाने …….कुछ लाइंस …..वाह क्या बात है
  4. विवेक सिंह
    हमें तो पहले से ही मज़ा आरहा है . ई का मतलब हम पहिले से ही नम्र हैं :)
  5. prabhat
    जरा नम्र हो जा मजा आयेगा
    ये ऊंचाई कोई छू न पायेगा।
    bahoot achi post
  6. mehek
    waah kamaal ke bahane hai,mazedaar
  7. जीतू
    सही है, अच्छा धोए हो, लेकिन शुकुल यार! तुमको तो कौनो आइडिया देना ही बहुत बड़ी भूल है, इधर आइडिया दिया नही, उधर तुम दन्न से पोस्ट दाग दिए। अभी दो दिन पहले ही हमने शुकुल को इस पोस्ट(मार्टम) का आइडिया दिया था, हम इस पर मिर्जा के विचार इकट्ठा कर भी लाए थे, लेकिन शुकुल पहले पोस्ट लिख मारे। हमारे शुकुल भी ना, अपने टाइप के एक ही बने है। आप इनको कोई व्यक्तिगत और गोपनीय बात बताओ, घंटे भर मे सभी ब्लॉगरों को पता चल जाएगा और सुबह सवेरे उस पर इनकी पोस्ट भी तैयार हो उनके इनके ब्लॉग पर चिपक जाएगी। (ऊपर से बदनाम हमे करते है कि हम नारदमुनि है, पाठक खुद डिसाइड करें)
    जब आप नाराजगी जताओगे तो इनका रटा रटाया जवाब है, “हम तो मौज ले रहे थे।” अब आप ही बताओ, सुकुल की मौज मे अगले का तो जलूस निकल गया, है कि नही?
    खैर पोस्ट सही लिखे हो, बाकी हिस्सा भी लिखो, हम मिर्जा के विचारों को भी पेश करने की कोशिश करते है।
  8. कुश
    कम्बख़्त कोई चैन से बहाने भी नही बनाने देता..
    वैसे आपने लिखा है “कम शब्दों में कहा जाये तो “……. ऊड़ी बाबा आप कब से कम शब्दो में कहने लगे???
  9. रंजन
    कोई बहाना नहीं चलेगा.. पकड पकड ्के धोया है..:)
  10. ताऊ रामपुरिया
    जितने लाजवाब बहाने उतने ही लाजवाब जवाब. जरा बचे हुये वार्तालाप का भी पोस्टमार्टम कर दिया जाये अगली पोस्ट में.:)
    रामराम.
  11. roushan
    ये तो बहुत ही ग़लत बात है कोई बिना बहाना बनाये बंद कर दे तो आफत कोई बेचारा बहाना बनाये तो उसकी इस तरह से मरम्मत .
    अब आप समझ ही रहे थे कि बहाना झूठा है तो उसको लोगों के सामने लाने की क्या जरुरत थी
    कहीं जीतू जी ने आपको भी तो कभी चूना नही लगाया था ?
  12. बवाल
    जरा नम्र हो जा मजा आयेगा
    ये ऊंचाई कोई छू न पायेगा।
    हा हा नन्दन साहब की आड़ लेकर क्या गुल खिलाया ? फ़ुरसतिया साहब आप भी ना! हा हा हा। हँसा देते हो एकदम से।
    इस चक्कर एक शेर बन गया है फ़ौरन जा कर पोस्ट कर रहा हूँ नहीं तो भूल जाऊँगा। आप ज़रूर पढ़ना। धन्यवाद।
  13. neeraj
    वाह…ईंट का जवाब पत्थर से…मजा आ गया…चेहरे पर मुस्कराहट लाने का शुक्रिया…
    नीरज
  14. दिनेशराय द्विवेदी
    भाई बाहर ही हूँ, आज की पोस्टे तो शिड्यूल्ड हैं। कल का क्या होगा पता नहीं।
  15. Dr.anurag
    सही है शुक्ल जी ..आपकी एक बात हमेशा याद रहती है की यहाँ ६ महीने बाद ही लोग पूछने लगते है “कौन “…जब तक हाज़िर तब तक पहचान …वैसे मुझे भी कभी कभी लगता है की हम ब्लोगिंग क्यों करते है ?हर पोस्ट की उम्र तो महज़ २४ घंटे ही रहती है….
    आपकी पसंद आज कुछ संदेश दे रही है…..
  16. अजित वडनेरकर
    बहुत खूब…काफ धुले धुले से लग रहें हैं चौधरीजी।
    नंदन जी की कविता पसंद आई।
  17. संजय बेंगाणी
    हम भी टिप्पणी करने ही वाले थे कि लाइट चली गई…बॉस आ गया…सेन्ड ही नहीं हुई…तकनीकि खामी आ गई…क्या लिखे यही नहीं सुझा…हमें वाह वाह करने की आदत नहीं सो…
    बहाने हजार है और शुक्लजी धोने में एक है…
  18. Abhishek Ojha
    मस्त-मस्त उत्तर है जी सभी कारणों के. वैसे अपना ये चल रहा है:
    ‘मतलब न प्रोजेक्ट करोगे ठीक न ब्लागिंग! दोनो एक साथ डेड!’ दोनों नहीं चारो-पांचो सब एक साथ डेड :-)
  19. संत वेलेंटाइन
    हम तो लिक्खेंगे जी. कौन बहाना बनाकर अपनी वाट लगवाए?
  20. Gyandutt Pandey
    कंघा-बेचक को कंघे का पूरा पार्सल थमा दिया, बिल्टी भी न छुड़ाई!
  21. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
    फुरसत मे पढ़ेंगे जी…।
    अभी तो यमुना तट के ‘बोट क्लब’ पर सोनू निगम नाइट देखने सपरिवार जा रहे हैं। :)
  22. Smart Indian
    बहाने और उनकी प्रतिक्रया – दोनों ही गज़ब की हैं. नंदन जी की कविता में तो एक बड़ी शिक्षा छुपी है,
  23. डा. अमर कुमार

    Q. आजकल कुछ लिख नहीं रहे..
    A. क्या करें, फ़ुरसतिया का वैलेन्टाइन ब्लाग
    किश्तों में पढ़ रहे हैं.. वह छोड़ें, तब न कुछ लिखेंगे ।
    टिप्पणी तक तो कर न पाये !

  24. satish saxena
    जीतू भाई के कमेंट्स कन्फ्यूज कर रहे हैं अनूप भाई !!!!!
  25. .Arvind Mishra
    चलिए मान लिए ये तो बीस बहाने हैं पर असली मुआमला क्या होता है जो लोग मुंह चुरा लेते हैं ! मैं तो नही जान पाया बस कयास लगा रहा हूँ -आपकी इ पोस्ट से अफ़सोस कि कौनो मदद नही मिल पाई है !
    कारण गंभीर हो सकते हैं -अब अविनाश भाई को देखिये ! क्या अब जल्दी वे उसी ठाठ बाट से मुहल्ला में हल्ला कर पायेंगे ? झन्झट में फस गए बिचारे -अब कुछ काल तक ब्लॉग न लिखने का असली कारण थोड़े ही बता पायेंगे ? तो बहानेबाजी की बात छोडिये आईये इन मामलों के असली कारणों की तलाश करें !
  26. आलोक
    २४ सोचा तो था पर फ़ीड ठीक नहीं है इसलिए कुछ फ़ायदा न होगा इसलिए न लिखा।
  27. SHUAIB
    धुले हुए कपड़ों को सुखाकर दुबारा धो डाला :)
  28. साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन
    बहाने और विश्‍लेषण दोनों जोरदार हैं।
  29. गौतम राजरिशी
    हा हा हा….रोचक।
    हम प्रेरित हो गये हैं नया पोस्ट लगाने को
  30. बेटी को वाणी से संवार दे ओ वीणापाणि
    [...] पिछ्ली पोस्ट में सतीश सक्सेनाजी ने लिखा-जीतू भाई के कमेंट्स कन्फ्यूज कर रहे हैं अनूप भाई !!!!! उधर जीतेन्द्र के कमेंट देखे तो पता लगा वो लिखे थे-हमारे शुकुल भी ना, अपने टाइप के एक ही बने है। आप इनको कोई व्यक्तिगत और गोपनीय बात बताओ, घंटे भर मे सभी ब्लॉगरों को पता चल जाएगा और सुबह सवेरे उस पर इनकी पोस्ट भी तैयार हो उनके इनके ब्लॉग पर चिपक जाएगी। (ऊपर से बदनाम हमे करते है कि हम नारदमुनि है, पाठक खुद डिसाइड करें) [...]
  31. समीर लाल
    सच को आलोचना समझोगे, तो दुख लाजिमी है…ऐसा लगा बैठा प्रवचन सुन रहा हूँ. :)
    जरा नम्र हो जा मजा आयेगा
    ये ऊंचाई कोई छू न पायेगा।
    -अति सुन्दर पंक्तियाँ मामा जी की.
  32. हमारे बहाने और मिर्जा के उलहाने
    [...] खोजी ब्लॉगर मौका काहे चूकते, धर दिए, पटाक से अपने ब्लॉग पर नमक मिर्च लगाकर। लेकिन भई असली माल इधर है, बिना [...]
  33. amit
    वाह वाह क्या पोस्टमॉर्टम किया है, मज्जा आ गया, ही ही ही!! :D
  34. फ़ुरसतिया-पुराने लेख
    [...] जरा नम्र हो जा मजा आयेगा [...]