Saturday, May 15, 2010

आपके विरोध में नियमित लिखने वाला ब्लागर आपके लिये बिना पैसे का प्रचारक है

http://web.archive.org/web/20140419213933/http://hindini.com/fursatiya/archives/1471

76 responses to “आपके विरोध में नियमित लिखने वाला ब्लागर आपके लिये बिना पैसे का प्रचारक है”

  1. Saagar
    किसी को नहीं छोड़ा आपने… चुन चुन कर मारा .. सही है… लीजिये ५१ बिन्दुओं के जावाब में ५१ वीं कमेन्ट :)
  2. ePandit
    दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ। गुरुदेव हमारे लिये भी किसी विरोधी लेखक/ब्लॉगर का जुगाड़ करवा दें या इसके भी कोई फॉर्मूलेे हैं तो उन पर भी प्रवचन करें।
  3. अजित वडनेरकर
    अब हम का कहें…सबने सब कह दी।
    हम तो आपके प्रशंसक थे, हैं और रहेंगे।
    सिपाही अलबत्ता नहीं बन पाएंगे क्योंकि आपके सिपाही बने तो
    ब्लागजगत को कुरुक्षेत्र मानना पड़ेगा।
    फिलहाल मूड नहीं है ऐसा :)
  4. बेचैन आत्मा
    कितना सर खपाए हैं आप ब्लोगिंग में …! पढ़कर तो भेजा खराब हो गया. का इतना कठिन है ब्लोगिंग ..? तब तो भैया हमरा ऊ गुलाब चाय-पान वाला ही ठीक है…कविता भी सुनता है चाय-पान भी मुफ्त में कराता है.
    …….रही, ई पोस्ट की बात… इतना मेहनत किये हैं तो बहुते अच्छा है. ई पंडित ऊ पंडित सबही कहेंगे..दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ..!
  5. Abhishek
    जय हो महाराज ! जय हो !
    बहुत सही !
  6. प्रवीण त्रिवेदी ╬ PRAVEEN TRIVEDI
    हम तो बस इत्ता जानने आये हैं कि कित्ते रुपैया किलो मिलते हैं …..अइसे प्रचारक ???
  7. Gyan Dutt Pandey
    अभिभूत हुआ यह जानकर!
  8. Ranjana
    बाप रे बाप….कुछ भी नहीं छूटा….
    सोच रही हूँ अच्छा हुआ कि ब्लोगिंग करने के लिए यां अनिवार्यता नहीं कि इसके लक्षणों सिद्धांतों को पढ़ पहले परीक्षा में उतीर्ण होवो…तब ब्लोगिंग का अधिकार मिलेगा….
    इक्यावन सिद्धांत याद कर जब परीक्षा पास करनी होती….कैसे रट के रख पाती इतना सब…
  9. वन्दना अवस्थी दुबे
    आपके विरोध में नियमित लिखने वाला ब्लागर आपके लिये बिना पैसे का प्रचारक है।
    बहुत सही. पूरे सिद्धांत चिट्ठाजगत के नोटिस बोर्ड पर लगाने लायक.
  10. शरद कोकास
    धन्य हैं प्रभु .. यह तो ब्लॉगालोचना का सौन्दर्यशास्त्र है ।
  11. K M Mishra
    जय हो बाबा अनुप जी की । 51 मंत्रों की माला देख कर अपने ज्ञान के कपाट धड़ाम से खुल गये । पता नहीं उनके खुले की नहीं जो बिना पेमेंट लिये गघाश्रम कर रहे हैं । गधों की तो बात ही न्यारी है ।
  12. S.M.Masum
    फ़ुरसतिया jee 51 ब्लॉगिंग के सिद्धांत से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. धन्यवाद
  13. zeal
    @-ब्लॉगजगत में महिलाओं को तब तक बड़ी इज्जत और सम्मान के भाव से देखा जाता है जब तक अपनी सीमा में रहें। सीमा से बाहर निकलते ही उनके साथ लम्पटता शुरू हो जाती है। मजे की बात यह है सीमा तय करने की जिम्मेदारी भी लम्पट लोग ही निभाते है..
    Very true !
  14. : …एक बेमतलब की पोस्ट
    [...] ब्लागिंग के सूत्र [...]
  15. : …एक बेमतलब की पोस्ट
    [...] 2.जब आप अपने किसी विचार को बेवकूफी की बात समझकर लिखने से बचते हैं तो अगली पोस्ट तभी लिख पायेंगे जब आप उससे बड़ी बेवकूफी की बात को लिखने की हिम्मत जुटा सकेंगे। : ब्लागिंग के सूत्र [...]
  16. : ब्लॉगिंग करने को फ़िर मन आया कई दिनों के बाद
    [...] 2.जब आप अपने किसी विचार को बेवकूफी की बात समझकर लिखने से बचते हैं तो अगली पोस्ट तभी लिख पायेंगे जब आप उससे बड़ी बेवकूफी की बात को लिखने की हिम्मत जुटा सकेंगे।-ब्लागिंग के सूत्र [...]
  17. Pankaj Upadhyay
    “जब आपका कोई नियमित प्रशंसक,पाठक आपकी पोस्ट पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त करता तो निश्चित मानिये कि वो आपकी तारीफ में दो लाइन लिखने की बजाय बीस लाइन की पोस्ट लिखने में जुटा है। उन बीस लाइनों में आपकी तारीफ में केवल लिंक दिया जाता है जो कि अक्सर गलती संख्या ४०४(HTML ERROR-404) का संकेत देता है।”
    इसे फ़िर से पढा और तब अहसास हुआ कि पहली बार पढी चीजें दुबारा पढने पर और अच्छी लगती हैं। ये वाला सूत्र जाने कैसे छूट गया था। आप अद्भुत हैं॥
  18. चंदन कुमार मिश्र
    इस लेख पर बाद में कभी आएंगे लेकिन इतना कहना है कि ब्लागिंग नहीं नहीं, ब्लागरी से पगलाने वाले सबसे पहले मरीज बनने की अघोषित प्रतियोगिता में हम नामों की सूची बनाने का सुझाव मुफ़्त में दे देते हैं…
    चंदन कुमार मिश्र की हालिया प्रविष्टी..इधर से गुजरा था सोचा सलाम करता चलूँ…
  19. संतोष त्रिवेदी
    पहले पिछला पढ़े फिर अगला ,मगर अफ़सोस रहा कि ई सब पहिलेहे काहे नहीं बताया,ताकि हम चेतन्न हो जाते !
    आप ऐसे ही नहीं फुरसत में रहते हैं,आखिर सूत्र-सिद्धांत खोजने और घोखने में भी तो टैम लगता है !
    बहुत फाडू अंदाज़ !
    संतोष त्रिवेदी की हालिया प्रविष्टी..ब्लॉगिंग के साइड-इफेक्ट !
  20. रेखा
    आपको बारम्बार -बारम्बार दंडवत प्रणाम
    रेखा की हालिया प्रविष्टी..दीपावली की शुभ कामनाएँ
  21. sanjay jha
    पढ़े पहले भी थे पर टीपना नहीं आता था ……………. सो बकाया बिना सूद चूका रहा हूँ………………….उम्मीद है मूलधन से संतुष्ट होंगे……………….
  22. amit
    कौन क्या लिख गया जी? तारीफों का सीज़न चालू हो गया क्या हिंदी ब्लॉगों में? यानि पतझड़ के बाद बहार आ गई लगता है! :)
    amit की हालिया प्रविष्टी..समीक्षा की समीक्षा: एजेन्ट विनोद
  23. आशीष श्रीवास्तव
    अमीत की टिप्पणी का जवाब दिया जाये ?
    आशीष श्रीवास्तव की हालिया प्रविष्टी..सरल क्वांटम भौतिकी: रेडियो सक्रियता क्यों होती है?
  24. फ़ुरसतिया-पुराने लेख
    [...] [...]
  25. Swapna Manjusha 'ada'
    हम तो कहते हैं ..आपकी सारी पोस्ट्स..ब्लॉग्गिंग की कोर्स में जानी चाहिए..और आपको बनाना चाहिए अखिल भारतीय ब्लॉग्गिंग यूनिवर्सिटी का कुलपति..हमरी पसंद के पॉइंट्स ई रहे..
    कुछ लोग ब्लॉगजगत में लम्पटता और बदतमीजी को बोल्डनेस और वैचारिक ईमानदारी के रूप में परिभाषित करते हैं।
    दो ब्लॉगरों के बीच सुलह-समझौता करवाने वाले मिशनरी सुलहकार सुलह कराते समय भी दोनों को एक-दूसरे की चिरकुटैयां बार-बार-लगातार दिखाता-गिनाता रहता है ताकि उसके ऊपर किसी पक्ष को अंधेरे में रखने का आरोप न लगे।
    ब्लॉगजगत में महिलाओं को तब तक बड़ी इज्जत और सम्मान के भाव से देखा जाता है जब तक अपनी सीमा में रहें। सीमा से बाहर निकलते ही उनके साथ लम्पटता शुरू हो जाती है। मजे की बात यह है सीमा तय करने की जिम्मेदारी भी लम्पट लोग ही निभाते हैं।
    Swapna Manjusha ‘ada’ की हालिया प्रविष्टी..WAHABI Saudi Prostitution Exposed…..Saudi Prince in Night Club spend one million dollar
  26. : इति श्री वर्धा ब्लॉगर एवं सोशल मीडिया सम्मेलन
    [...] ने अपनी बात की शुरु फ़ुरसतिया की एक पोस्ट के उद्धरण से की थी जिसमें कहा गया [...]

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