Saturday, July 11, 2026

तैराकी सीखने का छठा हफ़्ता



 स्वीमिंग पूल में घंटा पूरा होने के पाँच मिनट पहले सीटी बजने लगती है। चेंज करिए। बाहर निकलिए। आ जाइए। अंकल टाइम अप हो गया का हल्ला शुरू हो जाता है। अपन भो घड़ी देखकर निकलने का उपक्रम करते हुए एकाध बार और तैरने का मन बनाते हैं। देखते हैं घड़ी। कभी लगता है 57 मिनट हुए। तीन मिनट बाद निकलेंगे पूल से। कभी तैराकी में खर्च कैलोरी 200 से दो-चार-दस कम दिखती है । लगता है डबल सेंचुरी कर ही लें। कभी मन की कर लेते हैं। कभी पहले ही बाहर आना होता है।

तैराकी का हमारा बैच सबेरे आठ से नौ का है। इसके बाद सबेरे की शिफ्ट खतम हो जाती है। सारे कोच घर जाने के मूड में होते हैं। कपड़े पहनकर, झोला उठाकर चलने को तैयार। जाने के पहले सुनिश्चित करना होता है कि कोई पूल में रह न जाये। इसीलिए सबको बाहर निकालने के लिए बार-बार कहते हैं।

कल हम पूल से  निकल रहे थे। कोच ने कहा -'अंकल घड़ी देखकर निकलते हैं। पूरा समय यूटिलाइज करते हैं।' 

हमने कहा -' हाँ भाई, क्लास पूरी होनी चाहिए। बंक नहीं करना चाहिए।' 

उसने कहा -' स्वीमिंग बैच एक घंटे का होता है। लेकिन टाइम पचपन मिनट का होता है। पाँच मिनट चेंज का होता है।' 

हमारा तो घंटा हो चुका था। हम पूल से निकलकर शॉवर लेकर निकल आए। तय किया पाँच-दस मिनट पहले आया करेंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाता। पूल पहुंचते-पहुंचते आठ बज ही जाते हैं। 

मंगलवार को पूल बंद रहता है। उस दिन पास के दूसरे पूल गए। वह पूल छोटा है। लगभग आधा। महीने की फ़ीस ढाई हज़ार (हमारे पूल की तीन हज़ार है)। एक दिन की फीस डबल। दो सौ रुपए देकर घंटा भर तैरे। 

कोच ने हमारी बातचीत सुनकर कहा -'आप कानपुर के हैं? '

हमने पूछा -' कैसे पहचाना?'

उसने कहा -'आपके बातचीत करने के अंदाज़ से।' 

हमने सोचा ये तो मजेदार है। हमारी बातचीत से कोई पहचान ले कि हम कानपुरिया हैं- 'झाड़े रहो कलट्टरगंज।'

बाद में पता चला बालक बलिया का  है। बलिया से जुड़ा जुमला है -'बलिया जिला घर बा तो कौन बात का डर बा?' 

हमने बालक से कहा -'आप सिखाओ तो आकर।' 

बालक ने कहा -'चलिए हम आते हैं।' 

पूल में उतरते ही बालक कूदकर पानी में आ गया। हाथ, पाँव चलाने के तरीक़े बताते रहा। पैर पकड़कर मेढक की तरह चलाये भी। इसके बाद हम तैरते रहे। 

साथ में तैरने वाले बुजुर्ग ने बताया -'साढ़े पाँच महीने हो गए। अभी पूरा सीखे नहीं है।' 

हमने सोचा -'अभी हमारा तो महीना ही हुआ सीखते। ये तो हमसे पहले से सीख रहे हैं।' अपना अभी तक तैरना सीख न पाने का अपराध बोध पानी में घुल गया।

साथ की महिला ब्रेस्ट स्ट्रोक, फ्री स्टाइल,  बैक स्ट्रोक मतलब हर तरह से तैराकी कर रही थीं। उन्होंने हमें ब्रेस्ट स्ट्रोक के गुर बताये। तैरकर बताया। हमने सोचा -' ये साथ में सिखातीं तो हफ़्ते भर में ही सीख जाते।' लेकिन सोचने से क्या होता है?

इस बीच रोज ढेर सारे वीडियो देखे यूट्यूब पर। ब्रेस्टस्ट्रोक के। नोट्स लिए। कौन सी ग़लतियाँ न करें। सब नोट किया। याद भी किया कि ब्रेस्ट स्ट्रोक में एक्शन का क्रम Pull (हाथ) , breathe (साँस) , kick (पैर) , glide (शरीर) की गतिविधि होती है। कुछ और सूत्र ये हैं

1. किक में पैर ज़्यादा दूर तक नहीं फैलाने हैं। केवल कमर तक की दूरी तक ले जाने हैं।
2. घुटने मोड़ने के बाद 15 सेकेंड तक आराम करें (रुकें)। घुटने पास रखें (Keep your knees narrow)
3. साँस लेने के लिए सर को बहुत ऊपर नहीं उठाना चाहिए। इसमें ऊर्जा का क्षय होता है। जितनी बार सर ऊपर जाएगा, उतनी बार हिप्स नीचे आयेंगे।
4. सर को पानी 35 से 45 डिग्री तक ऊपर उठायें। टेनिस बॉल प्रैक्टिस ।

सब बातें पूल में याद करके प्रैक्टिस करते रहे। कभी-कभी समन्वय गड़बड़ा जाता। यह देखा कि जब-जब सारे एक्सन कॉपी बुक स्टाइल में किए, तैरने में सहज रहे, तब तब दूर तक तैरे।

अभी तक हाथ और पैर का मूवमेंट सीख गए। आज पानी से मुंडी ऊपर उठाना भी सीख गए। लेकिन सर ऊपर उठाते हुए साँस लेना अभी अच्छे से सीखना है। लगता है दो-चार दिन में आ जाएगा। इसके लिए पानी में ब्रीथिंग की एक्सरसाइज कई बार की। लेकिन उस अभ्यास को तैरते समय अमल में लाना है।

पूल से निकलते समय आज एक बालक पानी में सर नीचे किए खड़ा था। ऐसे लगा पानी में शीर्षासन कर रहा था। मजेदार। हमने ताज्जुब व्यक्त किया तो वह दुबारा पानी में सर के बल खड़ा हो गया।

रोज़ साथ तैरने वाले एक युवा ने कहा -'आप इस उम्र में सीख रहे हैं यह देखकर अच्छा लगता है।'

हमने कहा -'हमको मजा आ रहा है सीखने में। वो तो घंटे भर की लिमिट है यहाँ। अनुमति हो तो घंटों तैरते रहें।'

पूल अक्टूबर में बंद हो जाता है। अक्टूबर के बाद शहर में कोई दूसरा पूल खोजेंगे जहाँ जाड़े में भी तैरने का अभ्यास कर सकें।

हमारी तैराकी सीखने की पोस्ट पढ़कर हमारे कुछ मित्र भी पानी में उतरे हैं। कुछ मन बना रहे हैं। कुछ लोग अपने घर-परिवार के बुजुर्गों को ज़बरियन सीखने के लिए धकेल रहे हैं। यह अपने आप में मजेदार बात है।

यह हमारा तैराकी सीखने का छठा सप्ताह है।