Wednesday, August 12, 2009

आइडिये ही आइडिये लिख तो लें

http://web.archive.org/web/20140419214747/http://hindini.com/fursatiya/archives/666

22 responses to “आइडिये ही आइडिये लिख तो लें”

  1. Neeraj Rohilla
    नोट किया जाए कि समीर लाल जी सपत्नीक हमारे गरीबखाने पर विश्राम कर रहे हैं, कल सुबह वो डल्लास के लिए रवाना होंगे…
    उनका मूड एकदम बमचिक है और बची खुची कसार हमने उन्हें ह्यूस्टन का चक्कर लगाकर पूरी कर दी,
    स्थिति एकदम नियंत्रण में है, ;-)
  2. dr anurag
    लो कल्लो लो बात …एक तो हमारा नेट कनेक्शन भी इन दिनों गुस्सिया रहा है ..ऊपर से आप “नेशनल ड्रेस “.में बैठे ज्ञान जी को दिखा रहे है ..जो पूर्व रेल मंत्री लालू यादाव के काल को याद दिला रहे है जब वे आगे जेब वाले बनियान में कई ठो इंटरव्यू ठेल दिया करते थे …..
    खैर इधर आईडिया की बम्पर सेल भी लगी है…इतने गिर पड़ रहे है अब समझ आया .कानपूर से इंपोर्ट किये गए है …
  3. ताऊ रामपुरिया
    ढेर सारे आइडिये और उछल रहे हैं लेकिन दफ़्तर जाना है। इसलिये अब यहीं रुक जाते हैं फ़िर आगे कभी सुनाया जायेगा आइडिया का किस्सा।
    कुछ आईडियों को इधर पार्सल करवाया जाये..:)
    समीरजी की खबर जानकर दिल को चैन मिला…धन्यवाद नीरज जी.
    रामराम.
  4. विवेक सिंह
    ये तो पुराना आइडिया है : “दिमाग में पड़े तमाम चिरकुट आईडिये भुनभुनाते हैं- भैया, हमसे बड़े-बड़े चिरकुट छप गये ब्लाग जगत में। टिप्पणी भी पा चुके अपने हिस्से की। हमने कौन गुनाह किया है जो हमें सामने आने का मौका नहीं दे रहे हो? तुमसे न बने तो जायें किसी दूसरे ब्लागर का दिमाग देंखें। दूसरी जगह होते तो अब तक छप चुके होते।”
  5. Panchayati
    “जो कहना है वो कायदे से “बहर” में कहना सीख के आओ सलीके के। बिना बहर के मैं कोई बेवकूफ़ी इन्टरटेन नहीं करती।
    …………………………………………….
    बहुत अच्छा लिखा। मजा आ गया (समझ भी आया) :)
  6. arshia
    Zaroor, taaki waqt pe kaam aayen.
    { Treasurer-S, T }
  7. Akalavy
    “अरे आजकल के ब्याय आइडियों का कोई भरोसा नहीं। निगोड़े सब शार्टकट मारना चाहते हैं। न कोई मेहनत करना चाहता है न कोई खर्चा। बड़ा हालत खराब है। देखकर तरस आता है। क्या जमाना आ गया है
    आइडिया का किस्सा बहुत अच्छा है…
  8. vandana a dubey
    पता नहीं कहां -कहां के आइडिये आते हैं आपके दिमाग में…और लिखते इतने मज़े से हैं कि पढने वाले का दिल भी गार्डन-गार्डन हो जाता है. इन्तज़ार है, बचे हुए आइडियों के हाल सुनने का…
  9. अर्कजेश
    वाह वाह !
    आदमी में आईडिया रहते हैं आपने आईडिया में मानुष घुसेड दिया | बढ़िया प्रयोग है |
    और सभी आइडियों का मार्केट वैल्यू बता दिया |
    पहले बादलों का अब विचारों का मानवीकरण |
    छायावाद ?
  10. Dr.Arvind Mishra
    आईडियों का सौदागर -ले लोजी जो मन चाहे -नीले पीले रंग रगीले
    और वो जो शख्श बनियायिन में बैठा है न वो पटरियाँ का सलमान खान है -अभी बनियान भी उतार देगा ज्यादा बोले तो !
  11. सतीश सक्सेना
    कितने ही गंभीर मसले को अपने चिर परिचित अंदाज़ में लेते हुए उसकी गंभीरता को दर किनार करने में आपका जवाब नहीं !
    मगर यह आप ही हैं जिसने समीर लाल को भी हंसाया जरूर होगा, ऐसा मेरा विश्वास है !
    जिस तरह आप अपने अहसास छिपा कर भिन्न भिन्न शक्तियों को झेलते हो, उससे आपका एक प्रसंशक मैं भी हूँ ! इस ज्ञान को बाँटने में कोई बुराई नहीं है :-) आशा है आपके अगले लेखों ( आइडिया ) में इस पर कुछ प्रकाश डाल कर कृतार्थ करोगे !
  12. सतीश सक्सेना
    ज्ञान भाई की बनियान को बहुत पापुलरिटी मिली , डॉ अनुराग ने एक नया शब्द ही दे दिया और यह वास्तव सही लगता है !
  13. दिनेशराय द्विवेदी
    ये तो सब हमारी डायरी में लिखे हुए आइडिए हैं जी, आप को कहाँ से मिले?
  14. anita kumar
    लेकिन आपको बतायें कि ईमानदारी पर लिखना तो समझदारी की बातें करने जैसा है। जैसे समझदार की मौत है वैसे ही ईमानदारी जिन्दगी की सौत है। ईमानदारी में आजकल वो पहले वाली बरक्कत रही नहीं। लोग कमजोर समझते हैं।
    एक बार फ़िर हंसी हंसी में बड़ी गंभीर बात कह गये…हैट्स ऑफ़ टू यू
  15. डा छिद्रान्वेषी

    पर.. जनता यह जानना चाहती है कि, इस पोस्ट को लिखवाने वाले आइडिया भाई साहब बाकी आइडियनों पर कैसे भारी पड़गे ?
  16. kanchan
    kavita bahut samvedanshil…! har peshe ka apna darda….! itni savedanshil kavita padahne ke baad pichhale majaak hame yaad hi nahi rah gaye …!
  17. Shiv Kumar Mishra
    अद्भुत लेखन है.
    पढ़ तो लिया था लेकिन टिप्पणी करने का आईडिया आज आया. बोला; “तुमने भी तो आज पोस्ट ठेली है. फुरसतिया जी को कल कमेन्ट नहीं देने का जो आईडिया था, उसे खारिज करते हुए आज दे डालो. कमेन्ट.”
    सो दे रहा हूँ.
  18. काजल कुमार
    आपकी पसंद का जवाब नहीं.
    एसे सह्रदय कवि के बेटे ने जो गुल खिलाए हैं..आए दिन जानकर दु:ख होता है
  19. गौतम राजरिशी
    देर से आ रहा हूँ…लेकिन इन आडियाओं के बहाने खूब जमी ये पोस्ट…
    और हमेशा से मेरी पसंद में आपकी पसंद ने मन मोहा
  20. Kavita Vachaknavee
    :) :) :) :) :)
  21. फ़ुरसतिया-पुराने लेख

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