Thursday, August 16, 2012

सावधान -काला धन वापस आ रहा है

http://web.archive.org/web/20140420082219/http://hindini.com/fursatiya/archives/3271

सावधान -काला धन वापस आ रहा है

 काला धन
आजकल काले  धन की वापसी का हल्ला मचा हुआ है!
हर पार्टी काला धन वापस लाना चाहती है। जिसे देखो वह बिना पूछे कसम खाने लगता है- काला धन वापस लाना है।
जैसे विश्वसुंदरी प्रतियोगिता के फ़ाइनल राउंड में सुन्दरियां अपने जीवन  का लक्ष्य समाज सेवा बताती हैं वैसे ही हर पार्टी अपने घोषणा पत्र में काला धन वापसी को मुख्य एजेंडा बताती है। लगता है अब काला धन वापस आकर ही रहेगा।
मैं कल्पना करना हूं कि काला धन आयेगा तो कैसे सीन बनेंगे।
जब वो आयेगा तो उसके लिये रेडकारपेट वेलकम हो शायद। बाजे-गाजे के साथ   हवाई अड्डे पर देश के गणमान्य लोग लेने जायें उसे। माला-साला पहनायें। फ़ोटो शेसन हो। पत्रकार पूछें-  काले धन जी आपको वापस आने पर कैसा लग रहा है।
काला धन शायद मुस्कराते हुये- आता तो रहता ही था लेकिन इस बार आना बहुत अच्छा लग रहा था। फ़ील लाइक कमिंग होम।
तमाम छुटभैये और माफ़िया काले धन को उसी तरह निहारे हुये देखेंगे जैसे फ़िल्मों में मायें अपने अवैध बच्चों को निहारती हैं- देखो कैसा गबरू हो गया है विदेश में जाकर। एकदम गोरा-चिट्ठा-शफ़्फ़ाक। पता नहीं कभी इसको अपनी मां/बाप की याद आती होगी कि नहीं।
सुना है काला धन लाखों करोड़ में है। सरकार में जब करोंड़ों खर्च करने की बात होती है तो कोई न कोई मंत्रालय बनता है। काला धन जब वापस आयेगा तो कोई काला धन वापसी मंत्रालय बनेगा। मंत्रियों में उस मंत्रालय को पाने के लिये हल्ला मचेगा। गठबंधन सरकार में समर्थन देने के बदले काला धन मंत्रालय मांगेगी।
मंत्रालय में अधिकारी चुने जायेंगे। सबसे ताकतवर आई.ए.एस. को मंत्रालय का सचिव बनाया जायेगा। वह अपने सबसे चहेते अधिकारी को स्विटरलैंड से धन वापसी वाले विभाग में तैनात करेगा। जिससे खुंदक खायेगा उसको युगांडा/घाना से धन वापसी मंत्रालय में पटक देगा।
बच्चों को लोग आशीर्वाद देते हुये कहेंगे- जा बेटा खूब तरक्की कर। काला धन मंत्री बन। आई.ए.एस. का टॉपर अपनी वरीयता में ब्लैक मनी मिनिस्ट्री को सबसे ऊपर रखेगा। राज्यों विभिन्न मंत्रालयों के कर्मचारी काला धन मंत्रालय में डेपुटेशन के लिये जुगाड़ लायेंगे। पत्नियां मनौती मानेंगी, व्रत , उपवास रखेंगी। सत्यनारायण कथा में अध्याय जुड़ेगा- भगवान सत्यनारायण की कथा सुनते ही उसका ब्लैक मनी मंत्रालय में पोस्टिंग का आदेश आ गया। जैसे उनके दिन बहुरे वैसे सबके बहुरैं।
बड़ी-बड़ी बिल्डिंगे बनेंगी आया हुआ पैसा धरने के लिये। क्या पता बिल्डिंगे बन न पायें और काला धन वापस आ जाये देश में। वह यहां आकर भुनभुनाने लगे –जब धरने का बूता नहीं तो बुलाया काहे हमें। कोई जागरूक काला धन अपने साथ बुरे सुलूक की शिकायत काला धन अधिकार आयोग में करे। काला धन वापसी मंत्रालय के खिलाफ़ हाय-हाय करे। जिंदाबाद –मुर्दाबाद करे। बदले में मंत्रालय उसको पकड़कर सफ़ेद धन के साथ  बंद कर दे। दोनों का दम घुटने लगे।
अधिकारी लोग अपने उच्चाधिकारियों से लिखकर पूछेंगे –काले धन के पचास हजार करोड़ रुपये विगत तीन माह से आकर खुले में पड़े हुये हैं। उनके धरने की व्यवस्था नहीं है। खुल्ले में पड़े हैं।  सड़ने की आशंका है। कृपया निर्देश दें क्या सलूक करें उनके साथ?
निर्देश आने तक शायद कोई दयालू अधिकारी उनको बोरों में भर कर रख दे। कोई बरसात में तिरपाल उढ़ा दे। कोई समझदार अधिकारी कहे –चल तुझे अपने यहां तिजोरी में धर लेते हैं। जब यहां व्यवस्था बन जायेगी तो वापस छोड़ जायेंगे। वहां भी जगह की कमी देख कर उसको बाजार में छोड़ आयेगा। बाजार से किसी रास्ते से फ़िर फ़रार होकर वह जहां से आया था वहीं वापस लौट जाये।
काले धन के रख रखाव पर सेमिनार होंगे। बहसें होंगी। उसके साथ कैसा सुलूक किया जाये इस पर हल्ला मचेगा। कोई कहेगा काले धन के साथ वैसा ही सुलूक किया जाना चाहिये जैसा गद्दारों के साथ होता है। कोई कहेगा अपने ही देश का है उसे बांगलादेशियों की तरह अपना लो। किसी का विचार होगा कि स्विसबैंक के पैसे एन.आर.आई. की तरह व्यवहार किया जाये। उसको रहने के लिये एयरकंडीशनर की व्यवस्था की जाये। युगांडा वाली ब्लैक मनी के साथ देश के गरीबों की तरह सलूक किया जाये- किसी टीन शेड की व्यवस्था की जाये उसके लिये।
कुछ समझ में नहीं आ रहा कैसे सुलूक किया जाये विदेश से आये  काले धन के साथ। मन करता है एक बार आलमाइटी ईश्वर से पूछकर देखा जाये कि उनके यहां भी अस्सी से भी ज्यादा प्रतिशत ब्लैक मैटर है। वे उसका हिसाब किताब कैसे करते हैं? उसको कैसे वापस लाते हैं अपने कब्जे में। लेकिन वो भला काहे बतायेंगे अपना सीक्रेट।
आप ही कुछ बताइये क्या विचार है आपका।




26 responses to “सावधान -काला धन वापस आ रहा है”

  1. Anonymous
    काला धन जी का ठीक तरह से हम स्वागत या रखरखाव नहीं कर सकते तो उसका अपमान करने की भी कोशिश हमें नहीं
    करनी चाहिए !
    …वैसे यह मंत्रालय किसी टुटपुंजिये को मिलने का हम विरोध करेंगे ।
    1. सन्तोष त्रिवेदी
      ई लेक्चर हमने दिया है!
  2. सन्तोष त्रिवेदी
    काला धन जी का ठीक तरह से हम स्वागत या रखरखाव नहीं कर सकते तो उसका अपमान करने की भी कोशिश हमें नहीं
    करनी चाहिए !
    …वैसे यह मंत्रालय किसी टुटपुंजिये को मिलने का हम विरोध करेंगे ।
    सन्तोष त्रिवेदी की हालिया प्रविष्टी..आलोचनाएं अपने गले में डाल लो !
  3. amit srivastava
    एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जानी चाहिए जहां हमारे जैसे लोग देख सकें कि ‘काला धन’ रंग रूप में कैसा होता है और सफ़ेद धन से क्या भिन्नता होती है | मेरे ख्याल से दिखने में जैसे ‘सनी लियोन ‘ और एक कुँवारी कन्या में कोई अंतर नहीं होता , उसी प्रकार दोनों धनों में दिखने में अंतर तो नहीं होना चाहिए | हाँ ! चखने में स्वाद अवश्य अलग होता होगा | अपन भी जुगाड़ लगायेंगे डिपुटेशन का | अच्छा हुआ , समय रहते वैकेंसी ऐडवरटाईज कर दी आपने |
    amit srivastava की हालिया प्रविष्टी.." आज़ादी….मंतव्य….गंतव्य ….और कर्तव्य…."
  4. देवेन्द्र पाण्डेय
    मस्त पोस्ट है।
    कुछ और भी कल्पनाएं करनी थीं न! जैसे- काला धन मंत्रालय काले धन से हजारों किमी लम्बी सड़क बनाने की योजना शुरू करेगा। बजट एलाट होगा। खर्च होगा। खर्च में कालाबाजारी होगी। काला धन दुबारा से काला होगा। मतलब डबल काला। इस तरह सब काले धने को भूल जायेंगे। डबल काला ही पूजा जायेगा।:)
  5. देवेन्द्र पाण्डेय
    सावधान उसे होना है। आयेगा तो डबल काला होकर वापस जायेगा।:)
  6. राजेंद्र अवस्थी
    लाजवाब व्यंग …काले धन का विविध रूप से स्वागत …..:)) जैसे उनके दिन बहुरे वैसे सबके दिन बहुरें ….
  7. संजय अनेजा
    ‘माया’ पत्रिका में चम्बल के बीहड़ों से जुडा एक किस्सा पढ़ा था कि बस लूटने के बाद लुटेरों ने आपस में कुछ कानाफूसी की और सबसे पहचान देकर अपना अपना सामान वापिस लेने को कह दिया| हैरान यात्रियों में से एक ने पूछा तो सरदार ने बताया कि लूटमें जितना माल इकट्ठा हुआ है, उससे कहीं ज्यादा में तो थाने वालों से ठेका मिला था| लूट भी करो और पल्ले से दो, ऐसी लूट हमें नहीं चाहिए|
    मजा तब आएगा और अगर युगांडा\घाना पोस्टिंग वालों को भी ठेका दिया जायें:)
    संजय अनेजा की हालिया प्रविष्टी..ना.का. का पापा
    1. sanjay jha
      :):):)
      प्रणाम.
  8. Anonymous
    आप व्यंग्य लेखन में सिद्धहस्त हो। वैसे(अगर कभी आया तो) काले धन का भी वही हश्र होगा जो कथित सफेद धन का होता है। कोई किसी मुगालते में न रहे।
  9. रवि
    धन अगर सफेद काला होता है तो वो और भी दूसरे रंगों – हरा पीला नीला गुलाबी बैंगनी लाल इत्यादि भी होता होगा. एक एक कर इन पर भी कृपया प्रकाश डालें :)
    रवि की हालिया प्रविष्टी..पता है इस बार 15 अगस्त को लाल किले पर भाषण कौन दे रहा है???
  10. Prashant PD
    काला रे, सैयां काला रे.. काली जुबान से कारी-कारी..
    काले दिन हों, काली शामें, सैयां करते जी कोल बाजारी..
  11. ajit gupta
    इस व्‍यंग्‍य के बाद यह मंत्रालय तो आपका पक्‍का है।
    ajit gupta की हालिया प्रविष्टी..उद्देश्‍य रहित जीवन की भी आवश्‍यकता है
  12. आशीष श्रीवास्तव
    आन्दोलन वालो को नया मुद्दा खोजना पड़ेगा ….
    बड़ी समस्या है नहीं आया तो मुसीबत, आया तो भी … और उससे बड़ी समस्या उस भीड़ की होगी जो काला धन वापसी का श्रेय लेना चाहेगी .. इसमें वो भी होंगे जिनका ये धन है .. :)
    आशीष श्रीवास्तव
  13. neeraj tripathi
    जब धरने का बूता नहीं तो बुलाया काहे हमें।
    वैसे धरने वालों की कमी नहीं है ये नेक काम तो हम भी कर सकते हैं :)
  14. reena
    कुछ पंक्तियों नें इस लेख को बहुत रोचक बना दिया
    पहली -
    जैसे विश्वसुंदरी प्रतियोगिता के फ़ाइनल राउंड में सुन्दरियां अपने जीवन का लक्ष्य समाज सेवा बताती हैं वैसे ही हर पार्टी अपने घोषणा पत्र में काला धन वापसी को मुख्य एजेंडा बताती है
    दूसरी -
    पत्रकार पूछें- काले धन जी आपको वापस आने पर कैसा लग रहा है।
    काला धन शायद मुस्कराते हुये- आता तो रहता ही था लेकिन इस बार आना बहुत अच्छा लग रहा था। फ़ील लाइक कमिंग होम।
    तीसरी -
    बच्चों को लोग आशीर्वाद देते हुये कहेंगे- जा बेटा खूब तरक्की कर। काला धन मंत्री बन।
    आपके लिखने का ढंग बेहद रोचक है
  15. प्रवीण पाण्डेय
    ससुराल से मायके आने पर जैसा स्वागत होता है, वैसा ही हो..
    प्रवीण पाण्डेय की हालिया प्रविष्टी..यह कैसी आतंक पिपासा
  16. Rajiv Kumar
    आपने इतना अच्छा लिखा है कि अब मैंने तो अपना ब्लॉग बनाने का विचार ही छोड़ दिया। भला आपके सामने हम कहां ठहरेंगे?
  17. Alpana
    रवि जी की बात में दम है..धन के अन्य रंग भी अवश्य होते होंगे.
    व्यंग्य जबरदस्त लिखा है.
    हिंदी में इस विषय पर निबन्धों की पुस्तक में अभी तक कोई निबंध नहीं दिखा .ध्यान रखियेगा …कोई न कोई चुरा ही लेगा इस लेख को निबंध में प्रयोग करने के लिए .
    ‘भ्रष्टाचार ‘विषय अभी तक हॉट टोपिक हुआ करता था मगर अब अगली परीक्षा के लिए छात्रों को काला धन पर भी अनुच्छेद/निबंध पढ़ाना पढ़ेगा!
    Alpana की हालिया प्रविष्टी..बस एक त्रिवेणी !
  18. shefali pande
    ई मंत्रालय तो पक्का आपको ही मिल के रहेगा ……
    shefali pande की हालिया प्रविष्टी..सुगम के माने सौ – सौ ग़म, यह मान लीजिये
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