Monday, September 30, 2013

कल मैंने मन के कुछ कोने देखे

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कल मैंने मन के कुछ कोने देखे


कल मैंने मन के कुछ कोने देखे।

heart कल मैंने मन के कुछ कोने देखे,
कुछ झिलमिल रंग सलोने देखे।
चोट लगी मन की देहरी पर,
अनगिन नेह-दिढौने देखे।
कल मैंने मन के कुछ कोने देखे।
इस आपाधापी के जीवन में
कुछ पल ठिठके,ठहरे देखे।
धूसर मटमैली दुनिया के,
कुछ मनसुख रंग सुनहरे देखे।

कल मैंने मन के कुछ कोने देखे।
इस पाप-पुण्य की दुनिया में,
कुछ उजले कलकल सोते देखे।
मन के वीराने वन प्रान्तर में,
खिलते कुछ हरियल पौधे देखे।
कल मैंने मन के कुछ कोने देखे।
ये मिला नहीं वो छूट गया,
पाया वह भी कुछ टूट गया।
खोये-पाये के मन-झंझट से,
उबरे मन के अतरे-कोने देखे।

कल मैंने मन के कुछ कोने देखे।

रिकार्डिंग: 27.10.13
पोस्टिग:27.10.13
समय:03:01 मिनट
आवाज: अनूप शुक्ल

23 responses to “कल मैंने मन के कुछ कोने देखे”

  1. प्रवीण पाण्डेय
    बहुत ही अच्छी,
    इस जीवन में दिख जाता है,
    कुछ कुछ अपने जीवन जैसा।
    प्रवीण पाण्डेय की हालिया प्रविष्टी..अभिव्यक्ति का आकार – ब्लॉग, फेसबुक व ट्विटर
  2. प्रियंकर
    इस पाप-पुण्य की दुनिया में,
    कुछ उजले कलकल सोते देखे।
    मन के वीराने वन प्रान्तर में,
    खिलते कुछ हरियल पौधे देखे।
    वाह ! उजले स्रोत स्मृति में ऐसे ही झलकते रहें और आपकी दृष्टि में हरियाली ऐसे ही बसी रहे .अच्छा गीत !
    प्रियंकर की हालिया प्रविष्टी..बड़की भौजी / कैलाश गौतम
  3. सतीश सक्सेना
    बहुत सुंदर अनूप भाई …
    बधाई !
    सतीश सक्सेना की हालिया प्रविष्टी..कुछ खस्ता सेर हमारे भी – सतीश सक्सेना
  4. Dr. Monica Sharrma
    कितनी सहज पर कितनी अपनी सी अभिव्यक्ति …अपने ही मन में झांकना तो हम भूल ही जाते है ….. बहुत अच्छी कविता
    Dr. Monica Sharrma की हालिया प्रविष्टी..आज के अभिभावकों की दुविधा
  5. arvind mishra
    खूबसूरत भावों की कविता
    arvind mishra की हालिया प्रविष्टी..मोहिं वर्धा बिसरत नाहीं!
  6. Anonymous
    तुस्सी दिल ख़ुश कर दित्ता ! कट्टा कानपुरी सर !
    बहुत अच्छे.
  7. Avinash Vachaspati
  8. पंछी
    बहुत सुन्दर
    पंछी की हालिया प्रविष्टी..Dharma Shastra, Hindu Jain Granth, Religion, Hypocrisy in Hindi
  9. Anonymous
    फुर्सत का रोना छोड़
    हमने कुछ अच्छे काम कर डाले
    बहुत अच्छा किया
    यह काम करते रहे
    और लोग को भी प्रेरित करते rahe
  10. pankaj ranjan
    अरे भाई गलती से हम एनोनिमस हो गए
    वरना हम भी मन के कोने में घुमने निकले थे
    फुर्सत का रोना छोड़ अच्छा कम किया
  11. देवांशु निगम
    बेहतरीन !!!
    देवांशु निगम की हालिया प्रविष्टी..ट्युज॒डेज विध मोरी : ए बुक टू चेरिश !!!
  12. देवेन्द्र बेचैन आत्मा
    बहुत खूब..बहुत बधाई।
  13. संतोष त्रिवेदी
    बहुत उम्दा कविता है।इसे बस यूँ ही न कहें।
  14. Abhishek
    बढ़िया :)
    Abhishek की हालिया प्रविष्टी..संयोग
  15. Dr. Shilpi Yadav
    सुन्दर ! ये मन है ही ऐसा
  16. : डम्प्लाट दुनिया में सितारों की आइस-पाइस
    [...] करते गये। सुनिये यहां, यहां , यहां और यहां [...]
  17. सतीश चन्द्र सत्यार्थी
    पढ़ी हुई कविता से ज्यादा मजा आया गयी हुई कविता सुनने में.
    इसे जारी रखा जाए.. :)
    सतीश चन्द्र सत्यार्थी की हालिया प्रविष्टी..फेसबुक पर इंटेलेक्चुअल कैसे दिखें
  18. सतीश चन्द्र सत्यार्थी
    *गयी हुई = गाई हुई.
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  21. पूजा श्री
    lajawaab
  22. Mohin Chouhan
    Kon.didi
  23. अनूप शुक्ल
    धन्यवाद ! :)

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1 comment:

  1. कविता अच्छी है और रिकॉर्डिंग भी अच्छी है ..अच्छा लगा आप की ही कविता को आपके स्वर में सुनना ............ आगे भी आपके पॉडकास्ट की प्रतीक्षा रहेगी.

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