Saturday, October 15, 2022

अंतरराष्ट्रीय ब्लागर मीट वाया वीडियो कांफ्रेंसिंग

 

आज लंबे अर्से बाद ब्लागर मीट हुई। वर्चुअल। न्यूजर्सी में सुबह अनूप भार्गव जी Anoop Bhargava से बात हुई।।साथ में रमन कौल Raman Kaul जी और Pratyaksha प्रत्यक्षा जी। प्रत्यक्षा जी आजकल अपनी नई किताब 'पारा-पारा' से जुड़े सम्मान के लिए न्यूयार्क गयी हुईं हैं। न्यूजर्सी वहां से घण्टे भर की दूरी पर है जहां अनूप भार्गव जी रहते हैं।
आज सुबह प्रत्यक्षा जी की फ़ोटो फेसबुक पर देखी। न्यूजर्सी के Trenton स्टेशन पर। हमको तीन साल पहले की फिलाडेल्फिया यात्रा याद आ गयी। हम भी ट्रेन से इसी स्टेशन से गए थे। वहां घनश्याम गुप्ता जी Ghanshyam C. Gupta ने बुला लिया । हम पहुंच गए। फिर फिलाडेल्फिया के महत्वपूर्ण स्थल देखे। लिबर्टी बेल और दूसरे स्मारक।
संयोग कि आज सुबह घनश्याम गुप्ता जी से भी काफी देर बात हुई। पुरानी यादें साझा की गईं।
ब्लागर होने के नाते बातचीत ब्लागिंग से जुड़ गई। रमनकौल जी हम लोगों के साथ के पुराने ब्लॉगरों में हैं। शुरुआत में नियमित लिखते रहे। उर्दू गजल के बारे में लेख लिखे थे। समसामयिक घटनाओं पर और कश्मीर से जुड़ी समस्याओं पर भी खूब लिखा। अब लिखना कम हो गया है। अनूप भार्गव जी शुरू से ही अमेरिका में हिंदी प्रचार-प्रसार के काम में जुटे रहे। खूब काम किये। अमेरिका में न्यूयार्क की तरफ जो भी भारतीय साहित्यकार गए उन्होने अनूप जी का आतिथ्य ग्रहण किया।
अनूप जी को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का प्रवासी साहित्यकार सम्मान भी मिल चुका है। और कोई इनाम इसलिए नहीं मिला क्योंकि किताबें छपवाई नहीं। अब 'अनन्य' पत्रिका निकाल रहे हैं। जलवा है अनूप जी का अमेरिका के हिंदी साहित्य संसार में।
प्रत्यक्षा जी तो अब सेलिब्रिटी लेखक टाइप हो गईं हैं। तमाम इनाम , सम्मान मिल चुके हैं। 'पारा पारा' नई किताब हैं। इस पर प्रभा खेतान संस्थान की सम्मान तरफ से मिला। इसकी बधाई भी दी गयी बातचीत के दौरान।
अनूप जी ने 'Not to be quoted' घराने की कई बातें भी बताईं। लिहाज वह हम नहीं लिख रहे। यह भी बताया कि न्यूयार्क में प्रत्यक्षा का बढिया सा इंटरव्यू हुआ।
हमने बताया-'प्रत्यक्षा जी का सबसे पहला इंटरव्यू हमने लिया था। यह बातचीत उनके जन्मदिन (26 अक्टूबर ) के मौके पर 2006 में हुई थी। (लिंक कमेंट बॉक्स में) इसीलिए उनको तमाम इनाम/सम्मान मिले।' अनूप जी की शिकायत रही -"आपने हमारे इंटरव्यू क्यों नहीं लिए?हमको भी इनाम मिलते?" हमने बताया -" आप खुद सम्मान दिलाने वाले हो और दूसरी बात यह कि अभी तक कोई किताब अपने नाम से नहीं आई।" तय हुआ कि अब जल्दी ही अनूप भार्गव जी का इंटरव्यू लिया जाएगा ताकि उनको भी और इनाम मिल सकें।
आपको भी सम्मान लेना है तो हमसे भी इंटरव्यू के लिए सम्पर्क करें।
बातचीत का हाशिल यह रहा कि प्रत्यक्षा जी की किताब 'पारा-पारा' खरीदने का वायदा कर दिया। शनिवार की शुरुआत खुशनुमा लेकिन खर्चीली रही।
बताते चलें कि रमन कौल जी के नाम पहली ब्लागर मीट का रिकार्ड भी है। कनपुरिया अतुल अरोरा Atul Arora और रमन कौल जी के परिवारों का मिलन हुआ था। जून 2005 में। (लिंक टिप्पणी बक्से में)। उस पहले ब्लागर मिलन से आज के नवीनतम ब्लागर मिलन में 17 साल का अंतर है। इस बीच न जाने कितने ब्लॉग बने, बन्द हुए। ब्लॉगरों ने लिखना बन्द कर दिया। लेकिन ब्लॉगरों की दोस्ती बरकरार है। 🙂

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