Tuesday, April 09, 2024

खोखली हेकड़ी


 

जो फ़ेसबुक पर है वह खोखली हेकड़ी में रहता है और मानता है मैं तो बहुत बड़ा कम्युनिकेटर हूँ।

फ़ेसबुक इमोशनल होने की जगह नहीं है। इसे मजे में रखें और मज़ा लें, दिल पर मत ले यार। वरना मनोरोग हो जाएगा।
जगदीश्वर चतुर्वेदी जी बात से मिलती जुलती बात मैंने कभी ब्लागिंग के दिनों में लिखी थी :
“जिन लोगों को यह लगता है कि उनका ब्लॉग पढ़े बिना दुनिया के लोगों को खाना हज़म नहीं होता उनको अगली साँस लेने से पहले अपना ब्लॉग डिलीट कर देना चाहिये। उनकी मानसिक सेहत के लिए यह बहुत ज़रूरी है।”
यह बात ध्यान आने के बाद अपन ने आज पोस्ट लिखना स्थगित कर दिया।
ठीक किया न ❤️
फ़ोटो नेपाल के भ्रमण के समय की जिसके बारे में लिखना बाक़ी है। आपके आसपास भी इतनी तसल्ली से लोग शतरंज खेलते दिखते हैं ?

https://www.facebook.com/share/p/1DMmazj57U/

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