Saturday, August 04, 2007

आप भी करिये न अनुगूंज

http://web.archive.org/web/20140419214543/http://hindini.com/fursatiya/archives/314

आप भी करिये न अनुगूंज

बहुत दिन बाद आलोक ने फिर अनुगूंज की घोषणा की। ब्लागरों को ‘कुंजी पटल काम’ मिला।
अनुगूंज में कोई चिट्ठाकार विषय सुझाता है। आप उस विषय पर अपने ब्लाग पर लिखिये। इसकी सूचना आप अक्षरग्राम पर टिप्पणी के रूप में दे सकते हैं। इसके बाद जिस चिट्ठाकार ने अनुगूंज का अयोजन किया है वह इस विषय पर लिखे सभी चिट्ठों का अवलोकन करेगा।
अनुगूंज के पुराने अंक देखिये। एक से एक धांसू लेख लिखे हैं लोगों ने। अपने बारे में और दुनिया के बारे में। विषय वैविध्य भी मजे का रहा। लोगों ने अपने पहले प्यार के किस्से सुनाये। अपने बचपन के मीत के बारे में लिखा। शिक्षा व्यवस्था के बारे में लिखा। धर्म, संस्कृति, फिल्म, संस्कार और न जाने किन-किन विषयों पर लोगों ने अपने लेख लिखे। चुट्कुले संग्रह और हिंदी में सूक्ति संग्रह का उपयोगी काम किया गया। आप अनुगूंज की पुरानी कड़ियां यहां देख सकते हैं।
आप लिखकर अनुगूंज का लोगो अपने ब्लाग पर लगा दीजिये। आपके ब्लाग की चर्चा होगी।
जरूरी नहीं कि लेख ही लिखें। कविता, उपन्यास, तुकबंदी जो मन में आये ठेल दीजिये। जो होगा देखा जायेगा। कुछ लोगों ने तो किस्तों में लेख लिखे है।
आप अपनी झिझक छोड़िये और लिखना शुरू करिये। चौपाल पर आपका इंतजार हो रहा है। मेरे अनुगूंज पर लिखे लेख अगर आप देखना चाहें तो यहां देख सकते हैं।
तो लिख रहे हैं न आप। इस बार की अनुगूंज का विषय है-हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा – पाँच बातें।
आपके लेख का इतजार कर रहे हैं हम और दूसरे लोग।
अब विलंब केहि कारन कीजै। :)

8 responses to “आप भी करिये न अनुगूंज”

  1. आलोक
  2. ज्ञान दत्त पाण्डेय
    हमने भी एक ब्लैंक पोस्ट अनुगूंज के लोगो के साथ बना रखी है. रोज सिर खुजाते हैं. पर लिख नहीं पाते. अमेरिका का अनुभव नहीं है. विषय अगर “अमरीका हिन्दुस्तान बन जाए तो कैसा होगा – पाँच बातें” होता तो लिखना शायद ज्यादा आसान होता. :)
  3. संजय बेंगाणी
    लिखाड़ लोगो की कलम खामौश क्यों है?
  4. समीर लाल
    जी, अच्छा किया सबको बता दिया. सबसे आपने कह दिया लिखिये न. अब हम आपसे कह रहे हैं, लिखिये न!! इस अनुगूंज पर आपका आलेख कहाँ है?? कल लास्ट डेट है, भाई साहब. :)
    @ ज्ञानजी
    आपके आलेख का भी इन्तजार है. :)
  5. उन्मुक्त
    मेरे विचार से १ अगस्त को घोषणा और ५ अगस्त को अन्तिम दिन। यह बहुत कम समय है। आगे से कम से कम एक सप्ताह अन्त पूरा दिया जान चाहिये। जब तक आप सोचते हैं कुछ लिखते हैं समय समाप्त। अक्सर आप पहले से कुछ लिखने की सोचते हैं यदि एक पूरा या दो पूरे सप्ताह अन्त मिले तो अच्छा हो।
    माफी चाहूंगा कि कुछ लिख नहीं पाऊंगा।
  6. हिन्दुस्तान अमरीका बन जाए तो कैसा होगा : अनुगूँज 22 | संजीव तिवारी . . Sanjeeva Tiwari .. Chhattisgarh
    [...] बडा करके पढे)हमने फुरसद के क्षणों में भईया फुरसतिया की बातों को मानते हुए परयास किया है [...]
  7. : फ़ुरसतिया-पुराने लेखhttp//hindini.com/fursatiya/archives/176
    [...] आप भी करिये न अनुगूंज [...]
  8. चंदन कुमार मिश्र
    भूतकालीन पोस्ट…अन्तर्जाल की समस्या यही है कि यह भूत को भी वर्तमान उतनी ही तेजी से दिखाता है जितनी से वर्तमान को…वरना भूत में पढ़ी चीजें तो लोग ऐसे रखते हैं कि खोजकर निकालने में ही भूत बन जाएँ…
    चंदन कुमार मिश्र की हालिया प्रविष्टी..इधर से गुजरा था सोचा सलाम करता चलूँ…

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