Saturday, October 25, 2008

लईया, गट्टा से मिली, खील-बतासा साथ

http://web.archive.org/web/20140419161052/http://hindini.com/fursatiya/archives/546

31 responses to “लईया, गट्टा से मिली, खील-बतासा साथ”

  1. seema gupta
    आंखें बोली -बेटा आंसू! निकलो जरा होंठ तक जाओ,
    वो बोला- जईबे अम्मा, पहिले गाल से कचरा क्रीम का हटवाओ!
    प्रदूषण हर तरफ़ फ़ैला है।
    ” ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha Anup jee to aapne apna kmal dikha hee diya….. hum to smej gye, fir bee ager ye btaa daite kee aapko ye lines likhne ke inspiration khan se milee to soney pe suhaga ho jata, vaise aacha lga jordar humor se navaja hai aapne ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha ha wah”
    Regards
  2. आलोक पुराणिक
    क्या केने क्या केने.
    सेनसेक्स गिरकर सौ के आसपास आने वाला है, पईसा बचाकर रखिये।
  3. विवेक सिंह
    आपकी कलम से इतनी छोटी पोस्ट देख मुझे लगता है सेंसेक्स अभी और गिरेगा . वैसे अच्छा लगा पढकर आपके तोडके .
  4. SHUAIB
    आप उन ख़ुशकिसमत लोगों मे से हैं जिनके पास कुछ फुरसत होती है। मगर ताजुब है इतनी छोटी पोस्ट ? :)
  5. जि‍तेन्‍द्र भगत
    अनूप जी, आपको पढ़ते हुए लगने लगा है जैसे मैं ब्‍लॉग नहीं, साहित्‍य की कोई अच्‍छी पुस्‍तक पढ़ रहा हूँ, पुस्‍तक खरीदने का खर्चा भी बच रहा है और आनंद उतना ही मि‍ल रहा है-
    शहर से पचास-पचास गांव दूर जब कोई बच्चा खिलखिलाता है,
    मां बरजती है-चुप होजा बेटा हंसने से सेंसेक्स गिर जाता है।
    ये सेंसेक्स बड़ी छुईमुई चीज है!
  6. संजय बेंगाणी
    दीपावली की मिठाई व फूलझड़ी का आनन्द एक साथ पाया.
  7. ghughutibasuti
    बहुत बढ़िया !
    हम तो फुरसत से पढ़ने आए थे और निकली इतनी छोटी पोस्ट !
    दीपावली की शुभकामनाएँ ।
    घुघूती बासूती
  8. ताऊ रामपुरिया
    शुक्ल जी लोग जीने नही देते ! बड़ी पोस्ट लिखो तो मुश्किल और आज बेहतरीन माईक्रो कविता लिखी तो भी मुश्किल !:)
    पर एक बात कहानी पड़ेगी की.. लाजवाब ! दीपावली की शुभकामनाएं !
  9. Dr .Anurag
    खील पताशे ओर रसगुल्ले गये दिनों की बात है
    गिफ़टो में अब तो भैय्या ऊँची ड्राई फ्रूट की जात है
    आपको दीपावली की शुभकामनाये ….छुट्टी के मौसम में कवि !
  10. Abhishek Ojha
    आपको भी शुभकामनायें… अगर मार्केट और बुरा नहीं हुआ तो दिसम्बर में शायद कानपुर आना हो जाय ! वैसे आपको तो पता ही है की ये छुईमुई है !
  11. डा. अमर कुमार

    सोहनलाल रिरियायै रहे भईया कछु जो एडवांसै मिली जात
    अड़ोसिन पड़ोसिन का तनि देखावै तो पड़ी दिवाली की बात

    बज़ारन मा भरा पड़ा है खील बतासा गट्टा लाई
    लड़कै निहारि आवत हैं हमरे पास न एक्कौ पाई
    तो गुरू जी, हम तो आपकै टिप्पणी डिब्बा में घुस के
    सोहनलाल के लिये एक संदेश छोड़े जा रहें हैं, दे देना


    हम सभी ब्लागर बिरादरी की ओर से..
    तुम सबको दीपावली की हार्दिक संवेदनायें

  12. जीतू
    सही है। माइक्रो पोस्ट मे भी मास्टर हो गए हो।
    झक्कास! लगे रहो प्रभु। दीपावली की शुभकामनाएं।
    घर की सफाई कर लिए?
  13. देबाशीष
    बहुत सुंदर! दीपपर्व की शुभकामनायें आप व परिवार को भी!
  14. अंतर्मन
    लैया गट्टा की याद दिला दी तो अब भेजना पड़ेगा! आप सबको भी दीपावली की शुभकामनाएं!
  15. नितिन
    दीपावली की शुभकामनायें!
  16. ज्ञानदत्त पाण्डेय
    अच्छा याद दिलाया। गट्टा मेरा प्रिय है। अभी लगाते हैं भरतलाल को काम पर।
  17. Dr.Arvind Mishra
    वाह ! आह !!
    आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !
  18. राज भाटिया
    आपको दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनाये !
  19. सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
    अच्छा,… तो ये अनूप जी की माइक्रोपोस्ट थी…?!!
    :)
  20. दिनेशराय द्विवेदी
    अब ये गट्टा हमारी समझ में नहीं आया। राजस्थान में तो बेसन से बना के इस की सब्जी बनाते हैं। खास तौर पर कत्त-बाफले या लड्ड़ू बाटी के साथ।
  21. vimal
    भाई आप तो कमाल करते हैं…. “लईया, गट्टा से मिली, खील-बतासा साथ….. इस तरह के बिम्ब और और उसपे ऐसा हास्य, मस्त है……दिनेश जी ये बेसन के नहीं, मीठे ये गट्टा चीनी से बनते हैं…….दीपावली की शुभकामनाएं.
  22. Vivek Gupta
    सुंदर | आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.
  23. दीपक
    आप ऐसे ही जबरीया लिखने लगोगे तो लोग कविता लिखना छोड देंगे कोई पुछेगा तो लोग डरते हुये कहेंगे मैने कितने सालो से नही लिखी माईबाप (जैसे चोर डरते हुये पुलिस से कहता है)।
    और तुम भी मत लिखना नही तो कानपुर का गब्बर आ जायेगा तुरत लिखा और फ़ुरसतीया फ़ुरत हाजिर ॥हा हा हा
    दीपावली की हार्दिक बधाई !! ज्योति का यह पर्व आपके जीवन से निराशा का तम नष्ट करके आपको आशा उत्साह शांती प्रगती रुपी ज्योति प्रदान करे ॥
  24. anitakumar
    दीपावली की आप को भी सपरिवार ढेर सारी शुभकामनाएं…अब गट्टे का जिक्र किया है तो लैई और गट्टे की फ़ोटो तो लगा देते तो पता तो चलता ये है क्या बला, जनाब सब तो कानपुर अलाहाबाद से नहीं न
  25. प्रियंकर
    हम तो बहुसांस्कृतिक हूं जी . बेसन का गट्टा-दाल-बाटी-चूरमा भी ‘एन्जॉय’ करता हूं और बतासे-खील के साथ चीनी का गट्टा भी . हमको भी ज्ञान जी की तरह बतासे की बजाय गट्टा ज्यादा पसंद है . वैसे भी शेयर बाजार की हालत देखते हुए बड़े-बड़े खोया-मावा-छैना प्रेमी बतासे और गट्टे पर उतर आने हैं . धनतेरस बड़ी मद्धम-मद्धम और बुझी-बुझी रही इस बार . ना हमरा पइसवा नहीं डूबा है . पर सबको उदास देख कर हमहूं उदासी सम्प्रदाय में दीक्षित हो जाते हैं .
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं . वैसे आपके ब्लॉग पर तो सदा दिवाली रहती है .
  26. …यादें हायपर लिंक की तरह होती हैं
    [...] यह मैंने सीमा गुप्ताजी की एक कविता में शामिल बिम्ब को याद करते हुये लिखा था: [...]
  27. : फ़ुरसतिया-पुराने लेखhttp//hindini.com/fursatiya/archives/176
    [...] लईया, गट्टा से मिली, खील-बतासा साथ [...]
  28. AKASH
    बहुत अच्छे व्यंग्य |
    वो मेरे ख्याल में रहता है, मैं उसे ओढ़ती हूं-बिछाती हूं,
    जब भी मिला है सपने में, मैं उसे हचक के हड़काती हूं।
    लिव-इन का मामला बनेगा क्या वकील साहब?
    :)
    सादर
    AKASH की हालिया प्रविष्टी..दीपावली – एक दिया ऐसा हो
  29. sanjay jha
    :(:(:(:
    प्रणाम.
  30. Alpana
    फुलझड़ी सरीखी पोस्ट.
    दिवाली मंगलमय हो.

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