Sunday, October 09, 2011

खत की जगह खाली लिफ़ाफ़ा पहुंचा

लुटने,पिटने,बरबाद होने के किस्से सुनकर वो बोले,
ये बहुत आम बात है , कोई परेशानी हो तो बताओ!

मैं आइडिया से बोला- चलो भाई शेर में फ़िट हो,
वो बोला अरे उस्ताद आज इतवार को तो सोने दो।

हमारे शेर पढ़कर लोग तो अपने बाल नोच लेते हैं,
उनका खिजाब, तेल, शैम्पू का खर्चा बचाया मैंने।

पक्का पता नहीं पर वो पेशे से वकील लगता है,
मोहब्बत के खत भी लिखता है नोटिसों जैसे।

उनके पास खत की जगह खाली लिफ़ाफ़ा पहुंचा,
बोले हाल तो पता ही थे लिफ़ाफ़े में पैसे क्यों फ़ूंके?

-कट्टा कानपुरी

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