Saturday, November 26, 2016

अरविन्द तिवारी के उपन्यास ’शेष अगले अंक में’ के कुछ और पंच



1. भ्रष्टाचार एक ऐसा जन्तु है जिसकी घ्राण शक्ति पृथ्वी पर पाये जाने वाले सभी जन्तुओं से अधिक पावरफुल होती है।
2. पिछले दस वर्षो से दोनों अखबारों के बाजार भाव स्तंभ में कोई संषोधन नहीं हुआ था। प्रैस लाइन की तरह ये भाव अपरिवर्तनीय थे।
3. लोकल कवि, लोकल बस, लोकल नेता, लोकल सब्जीमंडी, लोकल साँड़ों के बाद इन दोनों अखबारों को प्रमाणिक रूप में लोकल वस्तु माना जाता था।
4. इस बात की मैं गारंटी देता हूँ कि ये पत्रकार आपके पीछे नहा धोकर नहीं पड़े हैं, सर! सच बात तो यह है इन पत्रकारों में से अधिकांष नहाते ही नहीं। दो तीन पत्रकारों को खुजली हो गई है।
5. अतिरिक्त गोभी आने पर जैसे सब्जी मण्डी का विस्तार हो जाता है, उसी तरह चुनाव घोषित होते ही राष्ट्रीय और राजस्तरीय समाचार पत्रों ने अपने पेज बढ़ा दिये।
6. अपनी जिन्दादली और शराबनोशी के कारण वे पतझड़ से वसंत ऐसे खींच लाते थे, जैसे अकाल के बावजूद जिले में अच्छी फसल होने का प्रैस नोट जारी करते थे।
7. पी आर ओ साहब सच-सच बताना नागौर में जिला स्तर के अधिकारियों की हालत कीचड़ में फंसी कुतिया जैसी नहीं है!
8. वे समझ गए थूकने का पत्रकारिता से कोई गहरा सम्बन्ध है। पहले कन्हैयालाल स्नातक ने अधीक्षण अभियंता की हथेली पर थूक कर विज्ञापन हासिल किए और अब इस हौजरी के व्यापारी ने उनके पाजामे पर थूक दिया।
9. वैसे वे जेबकट थे, पर 1942 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
10. जब से के0के0 गोस्वामी नगरपालिका अध्यक्ष बने हैं, पत्रकारों का हाजमा खराब चल रहा है।
11. विज्ञापन का अर्थ है सरकारी विज्ञापन। और सरकारी विज्ञापन मिलते नहीं झपटने होते हैं।
12. मिस आरती के बारे में कहा जाता है कि पत्रकारों ने उनके खिलाफ इतना अंट षंट छापा कि मजबूर होकर उन्हें पत्रकारिता में उतरना पड़ा।
13. कालूजी की चीकट बनियान से कुछ स्वेद बिन्दु बेसन के घोल में गिर रहे थे। संभवतः घोल में नमक कम था, जिसकी पूर्ति के लिए स्वेद बिन्दु सायास गिराये जा रहे थे।
14. औसत देखें तो जब से ‘प्रदेश समाचार’ निकलना शुरू हुआ तब से उसमें प्रतिमाह एक सेक्स स्कैण्डल जरूर छपता रहा है।
15. धुंआधार वीर रस से कवि थे और उनकी कविता को सहन करने की अपेक्षा उनकी पत्रकारिता को सहन करना हमेषा आसान लगा।
16. साहित्यिक आयोजनों का नाम सुनते ही पी आर ओ दफ्तर की जीप बीमार हो जाती, जबकि किसी मंत्री या अन्य वी आईपी के दौरों पर यह जीप तेजी से दौड़ती।
17. नागौर के अनेक सप्ताहिक समाचार पत्रों की तरह यह निजी बस रुक-रुक कर चल रही थी।
18. सड़क के गड्डे कहीं कोई देख न ले, इसलिए नगरपालिका ने इस सड़क से अपनी ट्यूब लाइटों को हटवा लिया।
19. दोनों कुत्तों की हालत गधे ने ऐसी कर दी, जैसे मंहगाई आम आदमी के थोबड़े की करती है।
20. अपने सीने पर हाथ रखकर कह दो, सेठ लखनचंद की बीवी को एक तरह से अपनी बीवी नहीं बना लिया आपने। इससे ज्यादा चटपटी खबर राम अकेला का बाप भी नहीं छाप सकता।
21. ‘नई दिशा’ के नागौर संवाददाता मनीष ने बी0एस0सी0 करने के बाद अम्बाला शहर स्थिति एक अखिल विश्व स्तरीय संस्था से पत्राचार के जरिये पत्रकारिता का डिप्लोमा किया।
22. राम अकेला भड़वा है। अपने अखबार में रंडियों के इण्टरव्यू ऐसे छाप रहा है जैसे पूरी उम्र भड़वागिरी करता रहा हो।
23. शाम के समय चैक में गाय, वकील सांड, पत्रकार, गधे, अध्यापक, सट्टेवाले, सुअर, चोर आदि एक साथ खड़े हुए पाये जाते थे।
24. जिस तरह किसी कुतिया के सद्य जन्में बच्चे क्षेत्र विशेेष में धमा-चैकड़ी मचाये रहते हैं, वैसे ही भ्रष्टाचार पानी की टंकी के परिसर में मचाए रहता।
25. उनकी हालत उस मुख्यमंत्री की तरह हो रही थी, जिसे हटाने के लिए विपक्षी दलों के साथ अपने दल के नेता भी जुटे थे, लेकिन मुख्यमंत्री दोनों के बीच बैलेंस बनाकर सत्ता पर काबिज थे।
26. अस्पताल दो मंजिला था और ऊपर की मंजिल पर जाने के लिए बिल्डिंग के दोनों सिरों पर दो जीने थे, जिनके ऊपर ‘ऊपर जाने का रास्ता’ नामक आध्यात्मिक वाक्य से अंकित बोर्ड टंगे थे।
27. पत्रकारों के अनुसार शैलेन्द्र सुमन ने समुद्र का अवगाह्न कर इस समाचार रूपी रत्न को प्राप्त किया है, जबकि उन्हें तैरना भी नहीं आता!
28. आपने तो पत्राचार से डिप्लोमा किया था, आपके गुरू कहाँ से आ गए।

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