Monday, July 07, 2014

अम्मा अब यादों में रहेंगी


कल डा.शैलेन्द्र त्रिवेदी ने अम्मा को देखा था। फिट बताया था। कानपुर ले जाने की अनुमति दी।अम्मा ने डाक्टर के गाल पर प्यार से हाथ फेरा था। आज जाने के लिए एम्बुलेंस तैयार थी।डिस्चार्ज हुई अस्पताल से। उसके बाद फिर दौरा पड़ा अम्मा को।आईसीयू में गयीं। डाक्टर और सब लोगों ने सांस वापस लाने की बहुत कोशश की। लेकिन बच नहीं पायीं अम्मा-बावजूद अपनी अदम्य जिजीविषा के।

जब दिन शुरू होता है अम्मा के जीवन की शाम हो गयी। अब वो यादों में ही रहेंगी। हमेशा।




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