Sunday, March 12, 2017

बुरा न मानो होली है



होली के मौके पर टाइटल की पहली किस्त जारी की जा रही है। अपने खास मित्रों के लिये अगली किस्त शेष अगले अंक में । जिनको टाइटल पसंद न आये हों वे बताएं तो उनके टाइटल बदल देंगे। मुफ्त में। :)
1.Gyan Chaturvedi: व्यंग्य के शिखर से ’हम न टरब’।
2. प्रेम जनमेजय: ’व्यंग्य यात्रा’ के लिये व्यंग्य की जमीन जोतता व्यंग्यकार।
3. Harish Naval: बागफ़त के खरबूजे शराफ़त के मारे दिल्ली के कोल्ड स्टोरेज में।
4. Hari Joshi: अमेरिकी सड़कों की तरह सपाट/सर्राट व्यंग्यकार।
5. Anup Srivastava श्रीवास्तव: व्यंग्य की इमारत नींव की ईंट - रोज सरकने पर आमादा।
6. Arvind Tiwari: मैनपुरी चक्कू के व्यंग्य की बेहद तीखी धार,
अभी इतना ही ’शेष अगले अंक में’ यार।
7. Subhash Chander: व्यंग्य के इतिहास में नाम लिखवाने की एकमात्र दुकान।
8. Sushil Siddharth:
 गुरु तो बढिया देव सा, पर चेला मिला फ़िरन्ट,
ठांव, कुठांव देखे नहीं, है आये दिन पटकंत।
वलेसी की आफ़त है जी।
9. Alok Puranik:
हास्य-व्यंग्य संसार में लिये 'बाजार-लुकाठी' हाथ,
जिसको चलने का मन करे, वो चले हमारे साथ।
सरकार (सरोकार नहीं भाई) भी साथ चलेगी।

10. संतोष त्रिवेदी: सरोकारविहीन लेखन और सपाटबयानी ’सब मिले हुये हैं।’
11. Nirmal Gupta: हैंगर पर टंगा एंगर , सूखकर व्यंग्य बनता भयंकर।
12. Lalitya Lalit: हम इनाम लेने का कभी बुरा नहीं मानते।
13. Suresh Kant: उधौ मोहि बब (ब से बैंक) विसरत नाहीं।
14. Alankar Rastogi: ’सभी विकल्प खुले हुये हैं’ बस रॉयल्टी मिल जाये।
15. Anoop Mani Tripathi:होशियार, ख़बरदार 'शो रूम में जननायक' पधार रहा है।
16. DrAtul Chaturvedi: लोग इनाम के लिये जुगाड़ लगाते हैं, अपन का जुगाड़ ऐसा है कि बिना जुगाड़ के मिलता है इनाम।
17. Anshu Mali Rastogi:
हॉट माल हमको मिला, मिली सन्नी लियोनी आय,
सुनत सनाका खा गये, बोली हल्लो भाईजी हाय।
18. Dilip Tetarbe:
गाली की गिनती करने की इतनी बड़ी सजा न दो,
फ़िर से गिनती की है,हमने संख्या पहुंची तीन सौ दो।
19. Shefali Pande: मजे के अर्थशास्त्र के बाद क्या लिखना।
20. अर्चना चतुर्वेदी: ’शराफ़त का टोकरा’ उठाओ भाई ’मर्द शिकार पर हैं’।
21. Indrajeet Kaur: ’ईमानदारी का सीजन’ खत्म हो फ़िर जुगलबंदी में भाग लिया जाये।
22. Arifa Avis: व्यंग्य के बगीचे की ताजा बयार।
23.Udan Tashtari समीरलाल:
व्यंग्य की लाज बचाना बेटा,
आहिस्ते से मैदान में आना बेटा।
ये व्यंग्य के लोग जरा वैसे हैं
यहां फ़ौरन न छा जाना बेटा।
24. राजेश सेन: ऐसा कोई अखबार दिखा नहीं, जिसमें मेरा लेख छपा नहीं।
25.गिरीश पंकज: (व्यंग्य) माफ़िया जिन्दाबाद।
26. Sanjay Jha Mastan: व्यंग्य की जुगलबंदी का मानस पुत्र व्यंग्यकार।
2Anuj Tyagi: डॉ कहो या व्यंग्यकार, आगरे का हूं यार।
28. Govind Gautam: हमने तो राय दे दी, आप मानो न मानो होली है।
29. सुनीता शानू: व्यंग्य के अखाड़े में नवोदित सास।
30. Ramesh Tiwari: उदीयमान, उभरे हुये, स्थापित आल इन वन आलोचक।
31. Ranjana Rawat: कातिलाना वनलाइनर स्थाई अड्डा।
32. Yamini Chaturvedi: वनलाइनर से व्यंग्यकार तक मजेदार सफ़र।
33. एम.एम. चन्द्रा: जुगलबंदी के पहले मेले से बिछुड़ा अकेला व्यंग्यकार।
34. Alok Saxena Satirist: सटायरिस्ट सटा लिया अब लिखें न लिखें सटायरिस्ट तो रहना ही है।
35. Pankaj Prasun: पिछले कवि सम्मेलन से अगले कवि सम्मेलन की यात्रा में लगा व्यंग्यकार।
36 अरविन्द कुमार: जरा दिल बहक गया था वैसे बाकी तबियत ठीक है।
37. ALok Khare: वाह दद्दा, हम को भी नहीं छोड़ोगे?
38. शशिकांत सिंह: प्रजातंत्र के प्रेत के बारे में बतायेंगे।
39. Surjeet Singh: अभी तो हम लिख रहे हैं।
40. Neeraj Badhwar: हम कह चुके हैं ’हम सब फ़ेक हैं।’ पर लोग यकीन नहीं करते। बेवजह जलते हैं।
41. Brajesh Kanungo: कविता, कहानी, व्यंग्य जिस मैदान में चाहो निपट लो।
42. Om Varma: अब बस जमा रहे हैं व्यंग्य। तब तक यह दोहा सुनिये।
43. प्रमोद ताम्बट: व्यंग्यलोक का सरोकारी बासिन्दा।
44. Shashi Pandey: कविता और व्यंग्य की जुगलबंदी।
45. Surendra Mohan Sharma: व्यंग्यकारों पर सतर्क निगाह रखने वाले वकील। सुशील जी और संतोष त्रिवेदी की मोहब्बत के चश्मदीद गवाह।
46. Devendra Kumar Pandey: लोहे के घर का मजबूरन आशिक।
47. Hari Hindaun: टाइटल मिला, मिठाई बांटो।
48. Kush Vaishnav: ब्लॉगरों को झांसा देकर सेलेब्रिटी लेखक बनाता प्रकाशक।
49. सुनीता सनाढ्य पाण्डेय: आग लगाती दिखी फ़ेसबुक लाइव पर।
50.Vivek Srivastava: हमको लड़कियों से बात करने में बड़ी शरम आती है। इसीलिये हम उनसे कोच्चन करने लगते हैं। वो हमको बॉय करके चल देती हैं।
51. अनूप शुक्ल: न धेले भर का सऊर न कौड़ी भर अक्ल
देने चले टाइटल, फ़ुरसतिया अनूप शुक्ल।

https://www.facebook.com/anup.shukla.14/posts/10210811251450823

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