Saturday, June 06, 2026

तैराकी का सातंवा दिन



 आज पूल पर आठ बजकर तीन मिनट पर पहुंचे। गाड़ी खड़ी करके पूल की तरफ़ जाते हुए साथ तैरने वाली बच्ची मिली। उसने बताया -'आज उसका लास्ट डे है।' हमने कारण पूछा तो उसने बाते -'नानी के घर जाना है।' नानी के अनगिन किस्से याद आ गए।

पूल के बाहर खड़ा एक पिता फ़ोन पर किसी को हड़का रहा था। शायद पूल के किसी जिम्मेदार व्यक्ति को। उसको शिकायत थी कि स्वीमिंग कोच  उसके बच्चे से ठीक से बात नहीं करता। पूल में कोच बच्चों कभी-कभी डाँटते हुए कुछ करने को कहते हैं। कोई बुरा मान जाता है। कोई इसे अपनी ट्रेनिंग का हिस्सा मानता है। कल एक बच्ची सहमी से दिखी थी। उसके पिता ने बताया -'कोच ने तीसरे दिन ही उसे डीप में कुदा दिया। बच्ची डर गई। इसीलिए सहमी हुई है।' 

हमको आज तैरने का अभ्यास करना था। किया। पानी में सांस रोकने और तैरने का अभ्यास किया। पानी में साँस पॉकेट मनी की तरह होती है। (साँस) कम खर्च करते हुए अधिक से अधिक देर तक पानी में रहना है। अच्छी बात यह कि अब साँस फूलने पर आधी-आधी साँस छोड़ी पानी में। साँस को किफ़ायत से ख़र्च करना सीखना जरूरी है तैरने के लिए।

साँस के साथ पेट की गैस भी पानी में निकली। उससे भी शरीर पानी में ऊपर उठा। पेट से गैस निकलते समय लगा कि गैस की बीमारी तैराकी सीखने में सहायक हो सकती है। बशर्ते गैस स्वीमिंग पूल में निकलती रहे। आपदा में अवसर सरीखा मामला है।

कोच से पूछा कि पानी में तैरते हुए साँस कैसे ले सकते हैं? उसने बताया कि पानी में सर डुबाकर चलते हुए साँस रोकने और फिर मुँह ऊपर करके छोड़ने का अभ्यास करिए। चलते हुए तो हमने कर लिया। लेकिन तैरते हुए ऐसा कर पाते तब तक सीटी बज गई। 

साँस रोककर पानी में तैरना पास की पूंजी को खर्च करने जैसा है। पैसे खत्म होने पर मामला ठनठन गोपाल हो जाता है। ऐसे ही  ली हुई साँस की पूंजी ख़त्म होने के बाद रुकना होता है, नई साँस लेनी होती है। तैरने के लिए पानी में तैरते हुए साँस लेना सीखना जरूरी है। पानी में सांस लेना मतलब सांस की कमाई करना। हमको राहत इंदौरी के शेर याद आए :

उँगलियाँ यूँ न सब पर उठाया करो, 

खर्च करने से पहले कमाया करो। 

पानी में तैरते हुए पिछली सांस की पूँजी ख़त्म होने के पहले अगली सांस कमा लेना जरूरी है। पानी में सांस लेना सीखना है तैरने के लिए। 

सीटी बजने के बाद हमने पूल की चौड़ाई पार की। कल   स्वीमिंग पूल की चौड़ाई हमने छह बार में पार की थी।  आज वह साढ़े चार बार में पार की। मतलब एक बार की साँस में साढ़े पाँच मीटर तैरना हुआ। कल के मुकाबले 37% कम सांस ली आज। 

एक बार तैरते हुए देर तक पानी में रहे। सोचा काफ़ी दूर तक तैरे होंगे। लेकिन सर ऊपर उठाया तो पता चला कि तिरछा तैरे थे। सीधी दूरी कम तय हुई। 

पूल का बाहर आकर नहाए। आते समय ही पूल बालिका ने बता दिया था कि आपका कार्ड बन गया है। ले लीजिएगा। हमने कहा ले लेंगे। आज नाम लिख को। उसने बताया लिख लेंगे। आपका नाम याद है मुझे- अनूप। हमको पंकज बाजपेयी की याद आ गई। वो नाम पूछने पर बताते -अनूप। बहुत दिन से मिले नहीं। पंकज बाजपेयी से। 

कार्ड लेकर हम बाहर आ गए। रास्ते में फल लिए। फल बालक ने बताया -'कल पुड़िया नहीं खाये थे। सुपाड़ी खाई थी। आज सुबह से एक पुड़िया खाये हैं। झूठ नहीं बोलेंगे आपसे।' फल में तरबूज और केला लिए। तरबूज कटवा कर देखा। सुर्ख़ लाल था। मीठा भी हो शायद। 

आज स्वीमिंग सीखने का हमारा सातवां दिन था। 


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