Wednesday, February 19, 2014

पौधे के बिस्तर पर लोटपोट ओस की बूँद



आज सूरज भाई खेत में पौधों को दुलराते दिखे. प्याज के पौधे पर पसरी ओस की बूंद के गाल सहला दिए. बूँद ने सूरज भाई को हडका दिया. बोली - क्या करते हो दादा . कहीं मैं गिर जाती तो क्या होता? सूरज भाई सहम से गये. ओस की बूँद खिलखिलाने लगी. सूरज भाई उसको गुदगुदाने लगे.ओस की बूँद पौधे के बिस्तर पर लोटपोट होती रही. पत्तियां भी हिलहिल कर आनन्दित हो रहीं हैं. समूची कायनात अंगडाई लेते हुए जग रही है.

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