Sunday, August 10, 2014

बुर्जुआ पुलिया पर रामफ़ल यादव



सर्वहारा पुलिया पर जब बुर्जुआ लोगों ने कब्जा कर लिया तो रामफ़ल यादव ने अपनी ठेलिया सामने बुर्जुआ पुलिया पर लगा ली। मिलने पर पूछा -बहुत दिन से दिखे नहीं। साथ में जीआईएफ़ फ़ैक्ट्री से रिटारर्ड आर.एन.सिंह। वो भी प्रतापगढ के रहने वाले हैं। इसी नाते रामफ़ल यादव से मिलने आते हैं लेकिन मजे की बात उनका नाम नहीं जानते।

आम साठ रुपये किलो बताया रामफ़ल ने लेकिन दिया पचास का किलो। किलो के ऊपर सौ ग्राम के पैसे भी छोड़ दिये। एक बार फ़िर बताया रामफ़ल यादव ने- "अस्सी साल उमर है। साठ साल से फ़ल बेच रहा हूं। प्रतापगढ घर है....।" सतीश सक्सेना, संतोष त्रिवेदी


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