लक्षद्वीप से लखनऊ गोवा होते हुए लौटे। सुबह नाश्ता करने के बाद फ्लाइट पकड़ी लक्षद्वीप से। होटल से हवाई अड्डे आते हुए सड़क के दोनों तरफ़ की समुद्र की लहरों ने किनारे तक आकर विदाई दी।
छुटका सा हवाई अड्डा है आगाती का। सामान चेक कराकर, बोर्डिंग पास लेकर अंदर गए। रन वे पर छुटका जहाज़ खड़ा था। सुबह गोवा से सवारियाँ लेकर आया था। लौटते में हमको ले जा रहा था।
गोवा पहुँचकर अनन्य दिल्ली की फ्लाइट पकड़ने दूसरे टर्मिनल चला गया। अपन की फ्लाइट 50 किलोमीटर दूर गोवा के दूसरे हवाई अड्डे से थी।
दूसरे हवाई अड्डे के लिए जाते हुए टैक्सी पकड़ी। टैक्सी ड्राइवर ने गोवा के तमाम किस्से सुनाये। भूतपूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पारिकर की तारीफ़ करते हुए कहा -"उनके जैसा कोई नहीं। वो बहुत ग्रेट था।"
पारिकर साहब की तारीफ़ करते हुए उसने मेरी तरफ़ देखकर यह भी कहा -"देखने में आप के जैसे ही थे पारिकर साहब।" हमने चुपचाप उसकी बात सुन ली और उनके किस्से सुनते रहे।
हवाई अड्डे पहुंचकर बोर्डिंग पास बनवाकर लाउंज में तसल्ली से नाश्ता किया। इसके बाद बोर्डिंग का इंतजार करते हुए लैपटॉप पर काम धाम करते रहे। कामधाम मतलब पोस्ट लिखते रहे।
बोर्डिंग शुरू होने के कुछ देर पहले बगल में दो महिलाएँ हमारे बगल वाली सीट पर आकर बैठ गईं। वे आपस में उड़िया और अंग्रेजी में वे आपस में कुछ-कुछ बतियाती रहीं। हम अपना काम में जुटे रहे।
अपना काम ख़त्म करने के बाद हम उनकी तरफ़ मुखातिब हुए। बातचीत शुरू हुई। "आप लोग भी लखनऊ जा रहीं हैं?" से बात शुरू हुई। उन्होंने बताया कि वे लोग मुंबई जा रहे हैं। ट्रांसजेंडर (किन्नर) कांफ्रेंस में भाग लेने के लिए। वहाँ किन्नरों के मसलों पर बात होनी है।
'खूबसूरत महिलायें किन्नर समुदाय से हैं' यह जानकर उनसे बात करने लगे। प्रिया त्रिपाठी Priya Tripathy और प्रियांशी दास Priyanshi Das पुरी में रहती हैं। दोनों साथ रहती हैं। घर वालों से संबंध हैं लेकिन रहती अलग हैं। प्रिया dermatologist हैं। त्वचा संबंधी उपचार करने वाली हैं । । प्रियांशी दास ने MSW की पढ़ाई की है। वे पूरी किन्नर एशोसियेशन की अध्यक्ष हैं।
प्रिया और प्रियांशी से और ज़्यादा बात नहीं हो पाई। उनकी फ्लाइट का समय हो गया था । वे बोर्डिंग के लिए चली गईं।
बाद में प्रिया से बात होने पर उन्होंने अपने बारे में कई बातें साझा की। बचपन में स्कूल में सामान्य बच्चों से अलग तरह का होने और महसूस करने के कारण उनको किस तरह की मानसिक प्रताड़ना सहनी पड़ी इसके अनुभव साझा किए। प्रिया ने बताया कि उनके और प्रियांशी के बीच माँ-बेटी का रिश्ता है।
प्रियांशी समाज में किन्नर समुदाय के लोगों को मिलने वाली स्वीकृति और सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे इस बारे में पोस्ट लिखती रहती हैं। हाल ही में उनको Priyadarshini Dance Academy की तरफ़ से Odisha Trending Talent 2025 के रूप में सम्मानित किया गया।
प्रिया dermatologist का काम करती हैं। वे अपने इंस्टाग्राम में रील पोस्ट करती रहती हैं। लोकप्रिय गानों पर डांस करते हुए रील बनाती हैं। हाल ही में उन्होंने इंस्टाग्राम किताब पढ़ते हुए फ़ोटो लगाई है जिसका शीर्षक है - You become what you think. आप जैसा सोचते हैं वैसा हो जाते हैं। हमको अच्छा-अच्छा सोचना चाहिए। तभी हम अच्छे बन पाएंगे। समाज अच्छा बनेगा।
किन्नर समुदाय के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं लेकिन प्रियांशी और प्रिया से मुलाक़ात के बाद उनके बारे में जानने की उत्सुकता हुई। पता चला कि भारतीय संविधान के आर्टिकल 14, 15, 16 के तहत किन्नर समुदाय के लोग भी संरक्षण के अधिकारी हैं। प्रियांशी और प्रिया को उनके प्रयासों में सफलता के लिए शुभकामनाएँ।
गोवा से शाम की फ्लाइट पकड़कर हम लखनऊ आये। वहाँ से मेट्रो से अपने घर। इस तरह से हमारी लक्षद्वीप यात्रा संपन्न हुई।
पिछली पोस्ट का लिंक : https://www.facebook.com/share/p/17ZEkRMHMH/
https://www.facebook.com/share/p/18YBBYLryk/

No comments:
Post a Comment