महेंद्र सिंह धोनी भारत के सफलतम क्रिकेटरों में रहे हैं। उनको माही, कैप्टन कूल और थाला आदि कई नामों से जाना जाता है यह उनके निकनेम है। माही संस्कृत शब्द मही से बना है। इसका मतलब 'पृथ्वी' या 'मछली'होता है । इसके अलावा यह नाम "नदी", "महान पृथ्वी", "स्वर्ग और पृथ्वी का मिलन" या "नंबर एक" भी हो सकता है।
माही कई उत्पादों के विज्ञापन भी करते हैं। कई आय के स्रोत्र हैं उनके। कल सड़क पर जाते समय एक ठेलिया पर लिख दिखा -'माही पूड़ी कार्नर।' मतलब माही की पूड़ी की भी दुकान है। इसके बारे में लोगों को पता ही नहीं होगा। माही नाम क्यों रखा दुकान वाले ने यह पता करना है। पूड़ी के दाम भी पता करना है।
महेंद्र सिंह धोनी को पता चले तो क्या पता वो भी कहें -'माही नाम का प्रयोग हमारे अलावा और कोईं न करे।'
कल श्रीलाल शुक्ल मार्ग के नाम पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं। श्रीलाल शुक्ल जी का निधन 2011 में हुआ। सड़क मार्ग का नामकरण 2016 में हुआ। इसलिए नाम के आगे पद्मभूषण लिखवाने में उनकी सहमति का सवाल ही नहीं उठता। नाम रखने वालों ने शायद 'पद्मभूषण' शब्द को उनसे नाम के आगे यह सोचकर जोड़ा होगा कि इससे उनको ज्यादा मान मिलेगा। लेकिन उनकी कीर्ति पद्मभूषण होने के कारण नहीं, श्रीलाल शुक्ल होने से है। अपने लेखन और खासकर उपन्यास 'रागदरबारी' के कारण वे सदियों तक याद किए जायेंगे ।
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