Friday, November 28, 2025

लोकतंत्र में जनता की जगह बाजार (कॉर्पोरेट) ने ले ली है

 आज का जनसत्ता अख़बार देखा। 20-20 (कुल 40) पेज के अख़बार में 10-20( कुल 30) पेज के विज्ञापन हैं। समाचार पत्र का एक चौथाई हिस्सा समाचार के लिए तीन चौथाई विज्ञापन के लिए। समाचार पत्र 'बाजार पत्र' में बदल गए हैं। अब बाजार ही चलाते हैं अख़बार। खबरों बेचारी सहमी सी डरी-डरी, सहमी-सहमी घुसती हैं अख़बार में।

अख़बारों के यह हाल लोकतंत्र की सरकारों की तरह हैं। कभी जनता का , जनता के लिए ,जनता के द्वारा वाले लोकतंत्र में जनता की जगह बाजार (कॉर्पोरेट) ने ले ली है। लोकतंत्र अब कारपोरेट के लिए, कारपोरेट का, कारपोरेट के लिए, कारपोरेट के द्वारा में बदल गए हैं।

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