श्रीलाल शुक्ल जी ने एक बातचीत में अपनी विचारधारा के बारे में कहा था -"मैं सड़क के बीच कुछ कदम पर बायीं ओर खड़ा हुआ हूँ।" मतलब थोड़ा वामपंथी रुझान वाली विचारधारा के हिमायती थे श्रीलाल शुक्ल जी।
श्रीलाल शुक्ल जी लखनऊ के इंदिरा नगर मोहल्ले में रहते थे। उनके घर की तरफ़ जाने वाली सड़क का नामकरण उनके नाम पर कर दिया गया है। सड़क के बीचो-बीच लिखा है -'पद्मभूषण श्रीलाल शुक्ल मार्ग।'
सड़क के बीच में 'श्रीलाल शुक्ल मार्ग' लिखा देखकर लगा कि श्रीलाल शुक्ल जी की विचारधारा को थोड़ा बायें से घसीटकर बीचो-बीच खड़ा कर दिया गया है। मतलब उनकी विचारधारा थोड़ा बायें से दाईं तरफ़ चलकर बीचों बीच खड़ी हो गई है। क्या पता कल को वह एकदम दायीं तरफ़ आकर जाये।
श्रीलाल शुक्ल जी के नाम के आगे पद्मभूषण लिखा देखकर लगा यह उपाधि ज़बरियन उनके गले में चिपट गई है। 'श्रीलाल शुक्ल मार्ग' अपने में पर्याप्त और पूर्ण नाम होता मार्ग। लेकिन नाम के पहले उनको मिला सरकारी अलंकरण लिखा देखकर लगता है कि उनकी पहचान उनके पद्मभूषण होने से है। देश में पद्मभूषण तो कई लोगों को मिला होगा लेकिन श्रीलाल शुक्ल जी अनूठे हैं। अकेले हैं।
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