Sunday, January 04, 2015

’ई बुक’ कैसे बनायें

पुलिया पर दुनिया (e-book)पिछले दिनों हमने अपनी ’ई-बुक’ बनाई- ’पुलिया पर दुनिया’। इस किताब में हमने ’सर्वहारा पुलिया’ पर बैठे लोगों से बातचीत करते हुये जो पोस्ट फ़ेसबुक पर अपलोड की थीं उनको इकट्ठा करके किताब बना डाली। अपलोड कर दी। अब इसको लोग आनलाइन खरीद सकते हैं। अभी तक कुल 44 किताबें बिक चुकी हैं।

यह किताब पोथी.कॉम , आनलाइनगाथाnotnul, scribd, eBay, या फ़िर  गूगल प्ले से खरीद सकते हैं। ई-बुक की कीमत 50 रुपये है। प्रिन्ट एडीशन की कीमत अलग-अलग साइट पर अलग -अलग है। पोथी.कॉम पर रंगीन प्रिंटेड किताब के दाम 799 रुपये+डाकखर्च अलग हैं। (कौन खरीदेगा इत्ती सस्ती किताब ?  :) )

इस किताब के बारे में रविरतलामी ने अपने ब्लॉग में लेख लिखा- पुलिया पर फ़ुरसतिया तो उसपर योगेन्द्र पाल की टिप्पणी थी-

"सर पोथी.कॉम से pdf पब्लिश करवाना चाहता हूँ, यदि आप प्रोसेस जानते हो तो कृपया बताएं

वैसे एक लेख यदि स्व:ई-पुस्तक प्रकाशन (kindle, kobo, epub, mobi, pdf) के लिए लिख दें जिसमें यह शामिल हो कि किस प्रकार से हम अपनी पुस्तक को बेच सकते हैं तो बहुत अच्छा रहेगा"
रविरतलामी जी ने हमसे आग्रह किया कि हम बतायें कि कैसे ई-बुक प्रकाशित कर सकते हैं। तो हम उनकी आज्ञा के अनुपालन में यह लेख लिख रहे हैं।

अभी जब मैंने अपनी ई-बुक कैसे प्रकाशित करें  पर गूगल सर्च किया  तो 0.55 सेकेन्ड में 561000 परिणाम मिले। इनमें सबसे पहला लेख बालेंदु शर्मा दाधीच का है- ऐसे छपेगी आपकी ई-बुक। इस लेख में ई-बुक से संबंधित बहुत उपयोगी जानकारी दी गयी है। इसे बांचकर आप अपनी ई-बुक बना सकते हैं।

मैंने अपनी किताब ’पुलिया पर दुनिया’ बनाने के लिये पोथी.कॉम की सुविधा का उपयोग किया। इसमें सारी जानकारी बहुत सहज तरीके से दी हुई है।  हर तरह की समस्या के लिये समाधान हैं यहां। आप इसका उपयोग करके अपनी ई-बुक प्रकाशित कर सकते हैं।

ब्लॉगर और फ़ेसबुक पर जो साथी अपने लेख, कविता, कहानी या रिपोर्ताज लिखते हैं वे अपनी ई-बुक बड़ी सहजता से बना सकते हैं। इसके लिये उनको सिर्फ़ अपने लेख,कविता, कहानी या रिपोर्ताज सब माइक्रोसाफ़्ट आफ़िस में कॉपी कर लें। यह काम हो गया तो समझिये आधा काम हो गया। इसके बाद अपना परिचय, भूमिका और समर्पण आदि तैयार कर लें। इसे भी किताब के साथ जमा लें। फ़िर किताब का मुखपृष्ठ बना लें। अगर बनाने में दिक्कत है तो पोथी.कॉम वाले भुगतान के आधार पर बना देते हैं। इसके बाद किताब को पोथी.कॉम पर चढा दें मतलब अपलोड कर दें।  बस आपकी किताब तैयार और आप किताब के लेखक हो गये।

मैंने अपनी किताब ’पुलिया पर दुनिया’ ई-बुक बनायी तो उसमें करीब दो हफ़्ते का समय लगा। यह समय फ़ेसबुक से लेख उठाकर माइक्रोसॉफ़्ट में कॉपी करने, भूमिका लिखने, लिखवाने और कवर पेज बनाने में लगा। इसका सब काम मैंने खुद किया या अपने दोस्तों की मदद ली। सामग्री और मुखपृष्ठ तैयार होने के बाद किताब अपलोड होने/ प्रकाशित होने में सिर्फ़ एक दिन का समय लगता है।

किताब के दाम रखना लेखक के हाथ में होता है। ई-बुक तो आप मुफ़्त में भी बेच सकते हैं या फ़िर कुछ दाम रखकर। मैंने अपनी किताब के दाम 50 रुपये रखे हैं। फ़िर भी अभी तक कुल जमा 44 किताबें ही बिकी हैं। ई-बुक में पोथी.कॉम पर कुल बिक्री का  75% रॉयल्टी के रूप में मिलता है। यहां से अभी तक कुल 40 किताबें बिकी हैं जिनकी कीमत 2000 रुपये है। मतलब  मुझे 1500 रुपये रॉयल्टी के मिलेंगे। दूसरी साइटों पर अलग-अलग दरें हैं रॉयल्टी की।

एक साइट पर मैंने किताब के दाम 49 रखे तो साइट ने डांट सा दिया यह कहते हुये- "एक किसान भी अपनी किसी चीज का इतना कम दाम नहीं रखता  :) ।"

प्रिंट कराने की सुविधा में किताब के दाम किताब प्रकाशित करने वाली साइट और आपको मिलकर तय करने होते हैं। यहां किताब के दाम इस हिसाब से तय किये जाते हैं कि अगर कोई एक किताब भी मांगे तो वह भी प्रिंट करके भेजी जा सके। इस हिसाब से मेरी ब्लैक एंड व्हाइट  किताब की  कीमत  199 रुपये और रंगीन किताब की कीमत 799 रुपये रखी गयी है। अभी तक प्रिंट वर्जन में मेरी कोई कोई किताब बिकी नहीं है।

पोथी.कॉम के अलावा अन्य अनगिनत साइट हैं जहां से आप अपनी ई-बुक प्रकाशित कर सकते हैं।

यह लेख अपने उन साथियों की सहायता और उकसावे के लिये लिखा गया जो अपने लेखन को किताब के रूप में लाना चाहते हैं। अगर किसी को किसी सहायता की आवश्यकता हो मुझे मेल कर सकता है- anupkidak@gmail.com पर या फ़िर फ़ोन भी कर सकता है -9425802524 पर।

तो क्या सोचना है आपका अपनी किताब  प्रकाशित करने के बारे में। कर ही डालिये- जो होगा देखा जायेगा।
 

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8 comments:

  1. अच्छी जानकारी. इसका कुछ अंश व लिंक यहाँ प्रकाशित किया है -

    http://www.rachanakar.org/2015/01/blog-post_4.html

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  2. सही में मित्र उकसा तो दिए है आप...सफल लेखन है ये आप का ...

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  3. हो सकता है कुछ लोग इबुक फ़ॉर्मेट के बारे में इस लेख को भी पढ़ना चाहें.
    .
    http://sahibaat.blogspot.in/2014/03/blog-post.html

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  4. मैंने भी अपने जीवन के उतार चढ़ाव पर आधारित ई-बुक लिखने का सोचा है।

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  5. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शनिवार 09 जनवरी 2016 को लिंक की जाएगी ....
    http://halchalwith5links.blogspot.in
    पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  6. बहुत खूब सर।
    पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया।
    आपने बहुत अच्छी जानकारी दी है।
    बहुत बहुत शुक्रिया।

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