Saturday, August 29, 2015

अहा सड़क जीवन भी क्या

अहा सड़क जीवन भी क्या
जहां देख लो जाम लगा।

कोई इधर काटता जल्दी से
कोई पलट लौटता आगे से।

कोई पों पों पों करती गाड़ी
काट बगल से हुआ अगाड़ी
ऐसी चलता हम अंदर बैठे
लाइन वाहनों की पिछाड़ी।

देखो बस घुस गयी बीच में
जाम बढ़ गया औ झाम हुआ
दो मिनट में खुलता रस्ता जो
लगता घण्टे का काम हुआ।

बीबी झल्लाती है दूल्हे पर
बस वाला मुआ घुसा कैसे
दुपहिया निकलीं सब खेतों से
चौपहिया खड़ी सब ऐसे वैसे।

क्या अब मितरों को याद करें
खुलवाओ जाम फरियाद करें
ये देखो रेल दिखी पटरी पर
अब थोडा और इंतजार करें।

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