Monday, February 22, 2016

बीड़ी से सौहार्द बढ़ता है




 पटरी भी सलामत है और ट्रेन भी पधार रही है। कानपुर है कौनौ मजाक थोड़ी कि कोई ट्रेन को रोक दे। 
https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10207376929874930&set=a.3154374571759.141820.1037033614&type=3&theater
 




हमारा ट्रेन का डब्बा प्लेटफार्म से 10 -15 मीटर उतरकर आता है। पटरी पर खड़े हुए ट्रेन का इंतजार करते हुए प्लेटफार्म पर बैठे लोगों की बतकही सुनते रहे। एक भाई किसी का जलवा बड़ी ऊँची आवाज में बता रहे थे कि वहां बाहर ही बीड़ी का बण्डल और माचिस धरी रहती थी जिसको मन आये पिए।  :)

 हमें लगा कि धरना पर बैठे जाट भाइयों की आंदोलन के शुरुआत में ही ठीक से बीड़ी-माचिस से आवभगत हो गयी होती तो बवाल इतना नहीं बढ़ता। बीड़ी से सौहार्द बढ़ता है। 

https://www.facebook.com/photo.php?fbid=10207377031597473&set=a.3154374571759.141820.1037033614&type=3&theater

Post Comment

Post Comment

No comments:

Post a Comment

Google Analytics Alternative