Sunday, July 05, 2026

आकड़ों की बाज़ीगिरी

 


आज सबेरे स्वीमिंग पूल जाने के लिए निकले। कॉलोनी के एक भाई साहब बाइक पर आते दिखे। हेलमेट हाथ में लटकाये थे। शायद, कभी कोई दुर्घटना हुई तो फौरन लगा लेंगे।

मोड़ पर दो महिलायें साइकिल पर बतियाती जा रही थीं। शायद काम पर जा रहीं होंगी। उनमें से एक बोलती जा रही थी। दूसरी सुनती जा रही थी। वक्ता-श्रोता की जोड़ी पैडलियाते जा रही थी। मोबाइल घर में धरा था। साथ में होता तो वीडियो बनाते।
पूल वाली सड़क के बीच वाली फ़ुटपाथ पर तमाम दिहाड़ी मज़दूर बैठे थे। कुछ बतिया रहे थे। कुछ खाना बना रहे थे। रोटी बनाकर फुटपाथ पर रखते जा रहे थे। देखने से रोटियाँ कड़ी दिख रही थीं। इतनी कड़ी कि फेंककर किसी को मार दें तो सुदर्शन चक्र की तरह गर्दन काट दें। आगे दिहाड़ी मजदूरों को ले जाने वाले लोग मोलभाव कर रहे थे।
पूल पर पहुंचकर शॉवर लिया। कलाई घड़ी पूल मोड में की। पानी में उतरे। उतरकर याद आया कि कैप तो पहनी ही नहीं। पानी से निकालकर बैग से कैप निकालकर पहनी। साथ में पानी भी पी लिया। इस चक्कर में तैराकी का समय पाँच मिनट कम हो गया।
पूल में दुबारा उतरकर ब्रीदिंग, किकिंग का अभ्यास किया। दोनों ठीक-ठाक। इसके बाद तैरने का अभ्यास करने लगे। पिछले कई दिनों से किकिंग का अभ्यास पक्का करने में लगे थे। अब पाँव का मूवमेंट ठीक हो गया है। आराम से पांव मेढक की तरह चलने लगे। पाँव चलाते समय सोचा कि कहीं मेढकों को पता चल जाये कि इंसान उनकी तरह पांव चलाकर तैरना सीख रहे हैं तो वे कॉपीराइट का मुकदमा न कर दें।
तैराकी सीखने का यह दूसरा महीना है। पाँच दिन हुए महीना ऊपर। इस बीच ब्रेस्टस्ट्रोक के तमाम वीडियो देखे। हर वीडियो देककर लगता कि इस तरह तैरना तो अपन का बायें हाथ का काम है। लेकिन जब सही में तैरते तो लगता जिस काम को बायें हाथ का काम समझ रहे थे वह बायाँ हाथ, दायाँ हाथ और दोनों पैर मिलाकर नहीं हो पा रहे है।
पूल में देखे गए वीडियो याद करके तैरना सीखते। लगता कि पूल पर क्रिकेट मैदान के स्कोर बोर्ड की तरह तैरने के वीडियो चलते तो अच्छा रहता। देखते हुए सीखते। कोच से यह आइडिया बताया तो वह बोला -'स्क्रीन लगेगी तो उसकी फ़ीस भी जुड़ जायेगी। तीन हज़ार की जगह पाँच हज़ार लगेगी पूल की फीस।'
हमने अपना स्क्रीन प्रस्ताव बिना कुछ कहे वापस ले लिया।
घंटे बार की तैराकी के बाद कोच को अपना मूवमेंट दिखाया। उसने कहा -'बढ़िया कर रहे। हाथ और पैर के मूवमेंट ठीक हैं। अब सर ऊपर करके साँस लीजिए।'
पानी में सांस लेने का काम थोड़ा जटिल है। सर उठाकर साँस लेने की कोशिश करने पर लगता है कोई गैरकानूनी काम कर रहे हैं। मुंडी उठाते ही फौरन अंदर कर लेते। गोया पूल किसी फायरिंग रेंज में हो। सर उठाते ही गोली लगने की आशंका। सुरक्षा के लिए सर फौरन अंदर। वैसे भी सर झुकाये-झुकाये जीते रहने के बाद कहीं भी सर उठाकर चलना किसी अलिखित क़ानून का उल्लंघन लगता है।
ब्रेस्ट स्ट्रोक में पैर का मूवमेंट मतलब किकिंग का समय बहुत महत्वपूर्ण है। साँस लेने के बाद फौरन पानी को धकियाकर सर ऊपर करना। एकदम राहत सामग्री की लूट की तरह झटके से सांस ले लेना। इसके बाद सर पानी के अंदर कर लेना। सर पानी में अंदर करना ऐसे जैसे कोई साँस चोरी की रपट लिखाए तो धरपकड़ के पहले ही मौका-ए-वारदात फ़रार हो जाना। इसके बाद पैर पीछे करते पानी को किक करके, पानी को लतियाकर आगे बढ़ जाना।
इस मामले में ब्रेस्टस्ट्रोक और राजनीति एकदम एक सरीखी हैं। सच पूछा जाये तो दूसरों को लतियाकर आगे बढ़ने की कला जीवन के हरेक क्षेत्र में लागू होती है।
घंटे भर पूल से निकलकर घड़ी में तैराकी की रिपोर्ट इस प्रकार दिखी :
-वर्कआउट टाइम (तैराकी का समय):एक घंटा एक मिनट सत्रह सेकंड
-दूरी - 1550 मीटर
-औसत पेस - 4'03" / 100 M (चार मिनट तीन सेकेंड प्रति सौ मीटर)
-औसत हृदय गति - 90 बीपीएम (एक मिनट में नब्बे बार)
पूल की लंबाई - 25 मीटर
-किलोकैलोरी: 252
यहाँ तय की गई दूरी भ्रामक है। घड़ी ने यह मानकर दूरी कैलकुलेट कि हर बार हमने पूरा पूल पार किया। जबकि हर बार हम अधिक से अधिक पाँच मीटर तैरे। इस लिहाज से तय दूरी में पाँच का भाग करने पर असल में कुल 300 मीटर तैरे होंगे घंटे भर में।
आकड़ों की बाज़ीगिरी करके प्रदर्शन बेहतर बताने में कॉर्पोरेट और सरकार की मोनोपोली थोड़ी है।

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