Saturday, July 25, 2026

तेरा तुझको अर्पण




 प्रधानमंत्री जी ने आधी रात में बाद इंस्टाग्राम पर युवा पीढ़ी को संबोधन किया। आठ बजे की बजाय बारह के बाद संबोधन। संभलने का मौक़ा ही नहीं दिया। उनको पता है कि बच्चे रात को इंस्टाग्राम पर होंगे। कर दी सर्जिकल स्ट्राइक।

नई चीज सीखने के जज़्बे की तारीफ़ करनी चाहिए। एक दिन पहले उनके तीस लाख फ़ालोवर कम होने की ख़बर थी। आज दस लाख बढ़ने का समाचार।
प्रधानमंत्री जी ने युवाओं को फ्रेंड्स कहकर संबोधित किया। लोग इस बात पर भी उनकी खिल्ली उड़ा रहे हैं -‘ ब्रो बोलना चाहिए था।’
यह भी कोई बात हुई ? नया माध्यम है। संबोधन सीख जायेंगे।
लोग और भी उल्टी-सीधी बातें लिख रहे हैं। कोई दाँत पर टिप्पणी कर रहा है। कोई आँख में टेलीप्रॉम्प्टर देख रहा है। कोई उनके चेहरे पर टिप्पणी कर रहा है। एक (चिरयुवा) बुजुर्ग का इस तरह का मजाक उड़ाना कोई अच्छी बात है भला ?
युवा लोग अपनी भाषा में प्रधानमंत्री के बारे में पोस्टर बना रहे हैं। पुरानी पीढ़ी के लोग इससे दुखी हैं। कह रहे हैं प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा ठीक नहीं। लेकिन लगता है कि जेन पीढ़ी ने उनको सही में पक्का दोस्त मान लिया है। उसी लहजे में उनसे बात कह रहे हैं।
कुछ लोग यह भी लिख रहे हैं कि यह भाषा उन्होंने उन्हीं से सीखी। वे ही इस भाषा के आविष्कारक हैं। उनसे ही सीखकर उनको ही लौटा रहे हैं- ‘तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा।’
आज एक और वीडियो में एक आंदोलनकारी शिकायत करता दिखा -‘ पुलिस लोगों को खाना, पानी और अन्य सामान लाने से रोक रही है। कैरियर बर्बाद करने को धमकी दे रही है।’
प्रधान मंत्री जी को पता नहीं लगा होगा इस बात का। पता लगता तो वो अपने ‘फ्रेंड्स’ के साथ हो रहे इस बर्ताव पर पुलिस को हड़काते। लेकिन क्या पता वे युवाओं को सिर्फ़ कहने के लिए फ्रेंड्स कहते हों। मानते न हों। राजनीति में फ्रेंड्स भी तो चंद्रमा की कलाओं की तरह बदलते रहते हैं। क्या पता फ्रेंड्स उन्होंने OTP की तरफ़ प्रयोग किया हो।
यह भी हो सकता है कि पुलिस गृहमंत्री के अधीन होने के कारण उनकी बात ही न मानती हो। हालांकि इसकी संभावना नहीं है लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है। रामेंद्र त्रिपाठी जी का गीत है -‘ राजनीति की मंडी बड़ी नशीली है, इस मंडी ने सारी मदिरा पी है।’
शादी के पहले यह हाल है तो शादी के बाद क्या होगा

No comments:

Post a Comment