Thursday, September 18, 2014

भाई को घुमा रहे हैं

यह बच्ची अपने भाई को बिठाये कई कोशिशों के बाद उचक-उचक कर साइकिल चला रही थी। मैंने उससे पूछा- 'साइकिल चलाना सीख रही हो क्या?'

इस पर बच्ची ने कहा-' नहीं ! भाई को घुमा रहे हैं।'

साइकिल के कैरियर पर कुछ सहमा सा बैठा बच्चा कल को शायद यह दिन भूल जाये और कुछ दिन बाद बड़ा होकर अपनी बहन पर तमाम पाबंदिया लगाने वालों के गिरोह में शामिल हो जाए।

पाबंदियों वाली बात से एक सच्ची घटना याद आ गयी। एक लड़की ने अपनी मर्जी के लडके से शादी कर ली तो उसके भाई ने अपना इरादा जताते हुए कहा-" जिस दिन वह दिख गयी वह दिन उसकी (बहन की) जिंदगी का आखिरी दिन होगा।

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