Sunday, September 21, 2014

एक्सपायरी डेट वाला बयान


दो दिन पहले बिलावल भुट्टो जरदारी  ने बयान  दिया -" मैं कश्मीर वापस लूंगा, पूरा का पूरा और मैं इसका एक इंच भी नहीं छोडूंगा, क्योंकि बाकी सूबों की तरह यह भी पाकिस्तान का है।"

 बिलावल  के इंच-इंच कश्मीर वाले बयान की खबर सुनते ही हिन्दुस्तान के चुटकुलेबाजो और हास्य-व्यंग्य लेखकों की बांछे ( बकौल मरहूम श्रीलाल शुक्लजी - वे शरीर में जहाँ कहीं भी होती हों) खिल गईं। सब इस चिरकुटई के कटपीस से अपने-अपने लेख के कपड़े सिल लेना चाहते हैं। वे सब काम छोड़कर बिलावल के इस बयान की खिल्ली उड़ाने में लगे हुए हैं | सबको डर है कि उनसे पहले कहीं दूसरा न बिलावल के बयान की खिल्ली उड़ा ले जाए |

लेकिन  मेरी समझ में बिलावल के बयान की खिल्ली उड़ाना भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीति से मूर्खता को बेदखल करने की गहरी साजिश है। बिना बेवकूफी की बयानबाजी के राजनीति की कल्पना बिना घपले के विकास की कल्पना करना जैसा है।

वैसे भी "आधुनिक राजनीति के संविधान " के अनुसार 'मूर्खतापूर्ण बयानबाजी' राजनीतिज्ञ का मौलिक अधिकार है। बिलावल के बयान की खिल्ली उड़ाते हुए हमें यह भी सोचना होगा कि कहीं हम "आधुनिक राजनीति के संविधान" का अपमान तो नहीं कर रहे हैं!


बिलावल के बयान की खिल्ली उड़ाने वाले लोग मूर्खता के सार्वभौमिक सिद्धांत - "जिसकी जैसी अक्ल होती है वैसी ही बात करता है।" की भी अनदेखी कर रहे  हैं।

देखा जाए तो बिलावल का इंच-इंच कश्मीर वाला बयान पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था का परिचायक है। दुनिया भर के स्कूलों में कई पीढियां MKS (मीटर, किलोग्राम, सेकेण्ड) सिस्टम में पढ़कर निकल लीं लेकिन पाकिस्तान में आज भी FPS ( फुट,पाउंड सेकेण्ड)लागू हुआ दीखता है।

अंतर्राष्ट्रीय मानकों के हिसाब से बिलावल का बयान 'एक्सपायरी डेट वाला बयान' है।
हास्य-व्यंग्य लेखकों से अलग  शाहजहांपुर के मशहूर ख्यालबाज लल्लन जी ने बिलावल का बचाव करते हुए कहा - "अरे बिलावल अपना चेला है।ख्यालबाजी सीख रहा है। शुरुआत है अभी सीख जाएगा।"  उन्होंने आगे  बताया कि उनके इस शेर की नकल करने की कोशिश की होगी बिलावल ने:

"फूंक देंगे पाकिस्तान 'लल्लन '
दो सौ ग्राम पीकर देखो।"
 हिन्दुस्तान और पाकिस्तान की साझा संस्कृति है | संयुक्त परिवार की तरह रहे हैं | संयुक्त परिवार टूटने पर भाई-भाई में जूता लात होना स्वाभाविक है।अंग्रेज लोग समझदार रहे होंगे। उनके यहाँ जहाँ संयुक्त परिवार टूटा वे घर से निकलकर अमेरिका, आस्ट्रेलिया पर कब्जा कर लिये। भारतीय उपमहाद्वीप के लोग 'घर- घुसुवा' बने रहे। अब बंटवारे के बाद पुस्तैनी इंच-इंच पुस्तैनी जमीन के लिए आपस में कपड़े फाड़ रहे हैं।

उधर पाकिस्तान में भी हल्ला मचा हुआ है| लोग जरदारी को बधाई दे रहे हैं -" वाह जरदारी साहब  ! आप तो दस परसेंट तक ही अटके रहे | आपके साहबजादे ने तो पूरा हिस्सा मांगना शुरू कर दिया क्या तरक्की की है |"

बयान जारी करते ही पाकिस्तान में पत्रकारों ने बिलाबल भुट्टो को माइक के कब्जे में  ले किया और सवाल दागना शुरू कर दिया :

बिलावल भाई आपने बयान तो बड़ा फन्ने खां वाला दे डाला लेकिन ये बताओ इसका आइडिया कैसे आया तुमको? -एक चम्पू पत्रकार ने सवाल किया।

"दरअसल मैं हिन्दुस्तानी लीडरान की बयानबाजी पढ़ता रहता हूँ। वहां कोई मुम्बई से गैर मराठियों को भगाकर मुंबई पर कब्जे की बात करता है, तो कोई आसाम से गैर आसामियों को भगाकर आसाम पर कब्जे का राग अलापता है। मुझे यह आइडिया जम गया और मैंने इसे कश्मीर पर उछाल दिया। और आप तो जानते हैं कि बेवकूफी की बात की नकल करने में न अपने पाकिस्तान में कोई परहेज है न उधर हिन्दुतान में।दोनों जगह सियासत की बुनियाद ही बेवकूफी के बयानाबाजी पर टिकी हुई है।" - बिलावल भुट्टो ने फुल कान्फिडेंस से जबाब दिया।

बिलावल भाई मान लो कभी कश्मीर के दो-चार इंच आपके हत्थे लग भी गए तो आप वहां करोगे क्या? - एक पत्रकार ने सवाल किया।

अरे हमने क्या करना है। हमने आज तक कुछ किया है जो आगे कभी करेंगे। हम तो उसे अपने आतंकवादी बिरादरान को सौप देंगे जैसे अभी हमने पाकिस्तान को सौप रखा है। बयानबाजी हमारा पुस्तैनी धंधा है। वही करते रहेंगे।  -बिलावल ने मासूमियत से जबाब दिया।

सुना है  कश्मीर पर कब्जे के बाद वहां केसर की जगह अफीम और चरस की खेती का इरादा रखते हैं  - एक खोजी पत्रकार ने सवालिया निगाह से पूछा !

अजब अहमक हैं मियाँ आप भी ! अरे कश्मीर मामले में चरस बोने के लिए तो हिन्दुस्तान के नेता क्या कम हैं जो हमें बोने की जरूरत पड़ेगी ?- बिलावल ने झल्लाते हुए बयान दिया !

बयानबाजी का सेशन पूरा होने के पहले ही बेटे ने चैनल बदल दिया ! एक लाफ्टर चैनल में तमाम मशखरे इकट्टा होकर अपने पेट और पेशे पर रोज होते हमले  का मुकाबला करने की रणनीति बना रहे थे| उनका डर  था कि अगर राजनीतीज्ञ लोग ऐसे ही मसखरी करते रहे तो उनको कौन पूछेगा!

"अगर वो मसखरी करेंगे तो हम राजनीति करने लगेगें!" एक युवा  मसखरे ने  धमकी देने वाले अंदाज में कहा !

यही तो सालों से हो रहा है ! दुनिया भर की राजनीति पर आज मसखरों का ही तो कब्जा है ! एक बुजुर्ग मसखरे ने थके हुए शब्दों में बयान जारी किया !

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2 comments:

  1. आखिर है तो पड़ोसी ही, उसने सोचा कि सारे गधे केवल वहीं हैं क्या, हम बताते हैं कि हम घोड़े हैं, और उसने गधत्व की प्राप्ति कर ली

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  2. "फूंक देंगे पाकिस्तान 'लल्लन '
    दो सौ ग्राम पीकर देखो।"....................ha ha ha ha


    pranam.

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