Tuesday, September 30, 2014

यू पी चाट भण्डार

आज दोपहर जब कमरे से काम पर जा रहे थे तो एक ठेलिया पर चाट बेचने वाला जा रहा था। नाम लिखा था -'यू पी चाट भण्डार।' भाई साहब बाजार जा रहे थे ठेलिया पर चाट लादे। पता चला कि प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। मतलब रामफल यादव के हम शहरी।

आगे पुलिया पर बुजुर्ग महिला फोन कान से लगाए किसी से बतिया रहीं थीं। कुछ पेशन की बात कर रहीं थीं। बात करते-करते मोटर साईकिल पर दो युवक आये। महिला जी ने पुलिया से उतर कर मोटर साइकिल चालाक को प्यार से एक धौल जमाया और उसी मोटर साइकिल में तीनों लोग सवार होकर चले गए। किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। क्या जरूरत  है! कोई ट्रैफिक  पुलिस वाला तो मिलता नहीं इस तरफ । :)आज दोपहर जब कमरे से काम पर जा रहे थे तो एक ठेलिया पर चाट बेचने वाला जा रहा था। नाम लिखा था -'यू पी चाट भण्डार।' भाई साहब बाजार जा रहे थे ठेलिया पर चाट लादे। पता चला कि प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। मतलब रामफल यादव के हम शहरी।


आगे पुलिया पर बुजुर्ग महिला फोन कान से लगाए किसी से बतिया रहीं थीं। कुछ पेशन की बात कर रहीं थीं। बात करते-करते मोटर साईकिल पर दो युवक आये। महिला जी ने पुलिया से उतर कर मोटर साइकिल चालाक को प्यार से एक धौल जमाया और उसी मोटर साइकिल में तीनों लोग सवार होकर चले गए। किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। क्या जरूरत है! कोई ट्रैफिक पुलिस वाला तो मिलता नहीं इस तरफ ।



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