Tuesday, September 22, 2015

आप हिन्दू की मुसलमान?

रात खाना खाने के बाद ऐसे ही जरा बाहर टहलने निकले। इंस्पेक्शन बंगले के बाहर ही मुख्य सड़क। एक तरफ की सड़क बन रही थी। 17 से 25 की उम्र के बच्चे काम कर रहे थे। डामर गर्म हो रहा था। बच्चे आपस में बात करते हुए काम कर रहे थे।

हमने सड़क के डिवाइडर के इधर रहते हुये कुछ पूछा तो एक लड़के ने कहा-इधर ढुक आइये (आ जाइए)। हम ढुक गए। बात करने लगे। पूछा तो पता चला कि बच्चे सब मुर्शिदाबाद जिले के एक ही गाँव के रहने वाले हैं।कुल 15 लोग यहां काम करने आये हैं।

सड़क पीडब्ल्यूडी की है। रात को काम करते हैं बच्चे। दिन में सोते हैं। यहां सेंट्रल जेल के पास फुटपाथ में सो जाते हैं। जनता शौचालय में निपटते हैं। नहाने का काम भी सड़क किनारे के नल में। रोज के 300 से 400 रूपये मिलते हैं।

एक बच्चा बीड़ी पी रहा था। उम्र 17 बताई उसने। हमने पूछा-बीड़ी क्यों पीते हो? इस पर आखिरी कश लेकर पीने के बाद बीड़ी का टुकड़ा फेंकते हुए उसने बताया-रात में काम करने में नींद आती है। इसलिए बीड़ी पीते हैं। रोज दो बण्डल बीड़ी पी जाता है।


उन बच्चों में एक बच्चा जो हिंदी समझता था उससे पूछा तो उसने बताया हिंदी/बांगला मिलजुल भाषा में कि मुर्शिदाबाद में काम नहीं मिलता।इसलिए सब कलकत्ता आ जाते हैं। बच्चा खुद अभी 11 वीं क्लास में पढ़ रहा है। उसका पिता किसान मजदूर है। दो बहनें है । एक की शादी हो गयी। दूसरी अभी पढ़ रही।

अपने काम के बारे में बताते हुए उसने मेरे से भी पूछा -क्या करते हैं? कहां रहते हैं? इस फैक्ट्री में क्या बनता है? फिर पूछा---आप हिन्दू की मुसलमान? हम बोले-हम एक इंसान। फिर हमने पूछा-तुम ये क्यों पूछे कि हिन्दू की मुसलमान? बोला -ऐसे ही। हम बताये अपने बारे में।

बच्चा इतना प्यारा और मासूम लगा बातचीत में कि उस पर प्यार उमड़ आया। कन्धे पर हाथ रखकर पीठ सहलाये और बताये मेरा छोटा बेटा तुम्हारे जितना ही बड़ा है। इस पर वह थोड़ा और मासूम सा हो गया।

हम बच्चे का फोटो लिये तो अन्धेरे में आया नहीं। बच्चा बोला-फ्लैश चलाइये। हम आजतक फ्लैश चलाये नही थे। आज भी नहीँ चला पाये। बच्चे ने मोबाईल हाथ में खट-खट इधर -उधर टच किया और फ्लैश चमकने लगा। फोटो काली से रँगीन हो गयी।


तकनीक हो या कोई भी संसाधन उसका बेहतर होना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है उसका समुचित उपयोग। हमारे यहां कितने संसाधन बिना समुचित उपयोग के बर्बाद हो रहे हैं। मानव संसाधन उनमें सबसे प्रमुख है।

बच्चे से नाम पूछे तो बताया-सद्दाम हुसैन। हमने कहा-बड़ा खतरनाक नाम है। हंसने लगा। बोला-पापा रखे थे। पता लगा सब बच्चे एक ही गांव के हैं। सब मुस्लिम। 23 तक काम करेंगे। फिर चले जाएंगे गाँव। 25 को ईद है।
सद्दाम saddam से और भी बात हुई। बोला--नींद आती है इसलिए बीड़ी कभी-कभी पी लेते।चाय नहीं पीते। गैस बनती है। हमने बोला-पानी पिया करो। बच्चे के पास माइक्रोमैक्स मोबाईल है।6000 का लिया था। फेसबुक खाता है पर उसका सिम घर छूट गया।

नाम पर बात चली तो हमने पूछा-किसी का नाम ओसामा भी है क्या। सब हंसने लगे।

उनको काम करता छोड़कर हम चले आये। हम स्टेट्स अपडेट कर रहे हैं। वो काम कर रहे होंगे। आप सो रहे होंगे। सुबह देखिएगा स्टेट्स। शुभ रात्रि।

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