Monday, September 07, 2015

ज़मीं पर रंग जैसे आदमी पाये नहीं जाते

बहुत से प्रश्न ऐसे हैं, जो दुहराये नहीं जाते,
मगर उत्तर भी ऐसे हैं जो बतलाये नहीं जाते

इसी कारण अभावों का सदा स्वागत किया मैंने,
कि घर आये हुये मेहमान लौटाये नहीं जाते
...
बनाना चाहता हूं स्वर्ग तक सोपान सपनों का,
मगर चादर से ज्यादा पाँव फैलाये नहीं जाते

हुआ क्या आँख से आँसू अगर बाहर नहीं निकले,
बहुत से गीत भी ऐसे हैं जो गाये नहीं जाते

सितारों में बहुत मतभेद है इस बात को लेकर,
ज़मीं पर रंग जैसे आदमी पाये नहीं जाते

--बलबीर सिंह रंग

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