Friday, September 04, 2015

नई दुनिया का ’गुड मार्निंग’

अखबार और टेलिविजन आजकल नकारात्मक खबरों से भरे रहते हैं। इसने उसको लूट लिया। उसने इसको पीट दिया। ये धोखा। वो धड़ी। लेकिन दुनिया में कुछ खुशनुमा भी होता रहता है। न होता तो दुनिया निपट गयी होती अबतक। लेकिन खुशनुमा खबरें बहुत कम दिखाता है अखबार/मीडिया।

’नईदुनिया’ अखबार ने पिछले कुछ दिनों से पहले पेज पर सबसे पहले ’गुड मार्निग’ कालम के अन्तर्गत अच्छी और खुशनुमा खबरों को साझा करना शुरु किया है। अखबार में सबसे पहले वही पढता हूं। अच्छा लगता है।

एक दिन खबर थी कि एक इंटरव्यू के लिये गलती  से दूसरी शहर पहुंच गया इंटरव्यू देने वाला। इंटरव्यू दूसरे शहर में होने वाला था। पता लगने पर सुबह टहलने वालों ने आपस में चंदा करके इंटरव्यू देने वालों को हवाई जहाज से उस शहर में भेजने का इंतजाम किया। वो इंटरव्यू दे सके।

एक खबर में हाकी खिलाड़ियों द्वारा अपनी इनाम की धनराशि को अपने साथियों की पढाई के लिये आर्थिक सहायता देने का किस्सा था।

एक खबर में एक दृष्टिबाधित लड़की द्वारा ब्रेल लिपि में कुरान लिखने की खबर थी।

लोगों की बहादुरी के किस्से भी छपते रहते हैं।

आज की खबर में 9 साल के जुड़वा बच्चों हर्षिता और हर्पित द्वारा कहानियां सुन-सुनकर 50 हजार शब्द याद करने के बारे में है।

आपाधापी और छलावे भरी अनुभवों के बीच जीते हुये खुशनुमा खबरें साझा करता है नई दुनिया का ई पेपर।

आप भी पढा करिये नई दुनिया का ’गुड मार्निंग’ कालम। ई पेपर उपलब्ध है। लिंक यह रहा http://naiduniaepaper.jagran.com/

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