Wednesday, February 26, 2025

शादी नहीं तो नौकरी नहीं

 चीन की खबर कल अखबार में पढ़ी। शादी नहीं तो नौकरी नहीं। जिनके हाथ में व्यवस्था की ताक़त होती है वे अपनी बात मनवाने के लिए कोई भी शर्त लगा सकते हैं। क़ानून बना सकते हैं। कई बार विरोध होने पर क़ानून बदल दिया जाता है। कभी लागू रहता है।

आपातकाल में नसबंदी क़ानून कितनी बुरी तरह लागू हुआ। बाद में उसकी प्रतिक्रिया इतनी तीखी रही कि आजतक किसी सरकार में हिम्मत नहीं हुई कि जनसंख्या नियंत्रण पर ठोस उपाय करे।
चीन की तर्ज पर कुछ कानून जो कोई कंपनी/सरकार लागू कर सकती है।
1. कुंभ स्नान नहीं तो क्या अगली किस्त नहीं । यह किस्त कुछ भी हो सकती है डीए एरियर, यात्रा भत्ता या कुछ और।
2. सस्ती भाषा नहीं तो एक दिन का वेतन काट लिया जाएगा। सस्ती भाषा बोलते हुए वीडियो कंपनी की साइट पर अपलोड करें।
3. सनातन की जय नहीं तो परिणाम भुगतने होंगे। सनातन विरोधी ताकत इसके कह सकतीं हैं -सनातन की तारीफ़ की तो खैर नहीं।
4. बेरोजगारों द्वारा नौकरी की माँग करने पर छिनेंगी डिग्रियाँ।
5. दिल्ली में महिलाओं द्वारा खाते में चुनाव वादे के रुपये की माँग करने पर लगाया जाएगा सरकार को अस्थिर करने का मुक़दमा। लगेगा हज़ार रुपए जुर्माना।
6. देश/प्रदेश की सरकार के किसी भी निर्णय, काम पर सवाल उठाने पर चेतावनी और विरोध करने पर सख्त कार्यवाही पर विचार।
7. प्रदेश सरकार के किसी भी कदम का विरोध करने पर उनके घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा। घर विहीन लोगों के घर न होने पर सरकार की तरफ़ से उनको घर एलाट किया जाएगा ताकि उनके ख़िलाफ़ बुलडोजर कार्यवाही की जा सके।
बाक़ी संभावित क़ानून आप अपने हिसाब से बनायें। हरेक को अपनी समझ और ताक़त के दुरुपयोग का पूरा हक है।

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