Monday, March 03, 2025

आज़ादी पसंद टैक्सी ड्राइवर


 श्रीलंका से वापस आने के पहले एक दिन हम लोग कोलंबो के स्थानीय बाज़ार घूमने गए। उबर से गाड़ी बुलाई। युवा , आकर्षक व्यक्तित्व वाले ड्राइवर के हाथ में तमाम टैटू बने थे। उनमें एक व्यक्ति का फ़ोटो भी था। हमने सहज भाव से पूछा -'यह किसका टैटू है?'

'मेरे गुरू का।'- ड्राइवर ने बताया।
हमें लगा गुरू कोई साधु-सन्यासी टाइप गुरुजी महाराज होंगे। हम अपने आसपास जैसा देखते हैं वैसी ही धारणा तो दूसरे के लिए बनाते हैं। हमारे अनुभव, शब्द सम्पदा हमारी बातचीत, व्यवहार को निर्धारित करती है।
उस युवा ड्राइवर , जिसकी टैक्सी में हम सवार थे, का नाम था गिहान था । 'गिहान' का मतलब होता है -'अच्छा उदार, इंसान।'
सवाल पूछने के पैसे श्रीलंका में नहीं पड़ते हैं। न अभी कोई रोक है वहाँ इसलिए हमने एक के बाद एक सवाल पूछ डाले गिहान से -'तुम्हारे गुरू जी कौन हैं? क्या करते हैं? कहाँ रहते हैं? '
'हमारे गुरू बार टेंडर हैं। प्रोफेशनल बार टेंडर। दुबई में मुलाकात हुई थी उनसे।'- गिहान ने बताया।
बार टेंडर वह व्यक्ति होता है जो बार के पीछे अल्कोहल या सॉफ्ट ड्रिंक पेय तैयार करता है और परोसता है, आमतौर पर लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठान के साथ-साथ रेस्तरां और नाइट क्लबों में, लेकिन कभी-कभी निजी पार्टियों में भी।
किसी बार टेंडर को कोई युवा अपना गुरू माने और उसका फ़ोटो अपने पास रखे यह मेरे लिए रोचक और थोड़ी ताज्जुब की बात थी। हम लोगों के रोल माडल तो आमतौर पर हमको मीडिया बताता है, कोई फ़िल्मी हीरो, हीरोईन, गायक, खिलाड़ी या इसी तरह का कोई मीडिया।
गिहान ने बताया कि अपने गुरू से उनकी मुलाक़ात दुबई में हुई थी। पाँच साल साथ रहे और अपने गुरू से काफ़ी कुछ सीखा भी। आजकल गुरू जी इटली में हैं।
अपने बारे में गिहान ने बताया-' A लेवल स्टडी (हाईस्कूल स्तर) की है। माँ-बाप के इकलौते बेटे हैं। पढ़ाई के बाद श्रीलंका में एक भारतीय रेस्तराँ से काम की शुरुआत की । इसके बाद पाँच साल दुबई के एक होटल में काम किया। फिर चार साल इटली के एक क्रू शिप (जहाज़) में चार साल काम किया। अब श्रीलंका लौटकर फ़िलहाल टैक्सी चलाते हैं।
टैक्सी चलाने में पैसा कम है लेकिन काम करने की आज़ादी है। इसलिए यही काम करते हैं। अंतिम लक्ष्य प्रोफेशनल बार टेंडर बनना है।
अलग-अलग देशों के रहने के अपने अनुभव साझा करते हुए गिहान ने बताया -' दुबई ज़्यादा पसंद है। साफ़-सुथरा है। इटली का अनुभव अच्छा नहीं है।
31 वर्षीय गिहान फ़िलहाल अकेले हैं। कई गर्ल फ़्रेंड रहीं लेकिन सभी से रिश्ते टूट गए। रिश्ते टूटने का मुख्य कारण खुद की आज़ादी को पसंद करना है।
गिहान का कहना था -'सिंगल लाइफ़ इज गुड। अकेले रहना ख़ुशनुमा है। बंदिशें पसंद नहीं। प्रेमिकाएँ कहती हैं -'ये मत करो, वो मत करो, ऐसे रहो, वैसे मत रहो, इससे मत बात करो।' बंदिश में रहना पसंद नहीं। आज़ादी प्यारी है मुझे इसलिए ब्रेकअप हो गए।'
'जहां औरतें हैं वहाँ समस्या है इसीलिए मुझे अकेले रहना पसंद है'- हंसते हुए कहा गिहान ने ।
कुल मिलाकर ग्यारह गर्ल फ़्रेंड रहीं गिहान की। तीन दुबई में, आठ श्रीलंका में। ब्रेक अप होने के बाद अधिकतर प्रेमिकाओं के शादी हो गयी।
अपनी प्रेमिकाओं के बारे में अपनी राय व्यक्त करते हुए गिहान ने कहा -'वे अच्छी इंसान हैं। मुझसे बेहतर इंसान। लेकिन मुझे आज़ादी पसंद है इसलिए सम्बंध जारी नहीं रह सके।'
गिहान से बातचीत करके मुझे एक बार फिर से उन लोगों की सोच का अंदाज़ा हुआ जो अपनी मर्ज़ी से अकेले रहना तय करते हैं।
भारत में गोवा कई बार आना हुआ है गिहान का। 'गोवा के मुक़ाबले श्रीलंका साफ़-सुथरा है। गोआ में लोग जगह-जगह भीख माँगते घूमते हैं।' -गिहान ने अपनी राय बताई।
दक्षिण भारतीय फ़िल्में देखने के शौक़ीन गिहान को पुष्पा फ़िल्म पसंद है। रजनीकांत और तलपत्ती विजय पसंदीदा हीरो हैं।
'राजनीतिज्ञ लोग अच्छे नहीं होते'(Politisions are bad ) की धारणा रखने वाले गिहान ने श्रीलंका के बारे में बताया -'नयी सरकार फ़िलहाल अच्छा काम कर रही है।'
नई सरकार के बारे में आमतौर पर श्रीलंका के लोगों ने यही राय बताई।
बातचीत करते हुए कब हमारी मंज़िल आ गयी पता ही नहीं चला। हमने गिहान को भुगतान किया। उसका फिर फ़ोटो खींचा। उसको दिखाया। फ़ोटो भेजने और बाद में बात करने का वादा किया और बाज़ार घूमने चल दिए।
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