Tuesday, November 04, 2025

लहरों का स्टीमर के साथ रोमांस




 घर में हम कैसे भी रहें लेकिन टूर के दौरान प्रोग्राम टाइमटेबल के हिसाब से चलते हैं। आज यहाँ, कल वहाँ। आज ये कवर करना है, कल उसको निपटाना है। इसी क्रम के अनुसार लक्षद्वीप प्रवास के चौथे दिन हमको 'स्नार्कलिंग' के लिए जाना था। 'सैंड बैंक' देखना था।

स्नार्कलिंग मतलब पानी की सतह पर तैरते हुए एक नली (स्नॉर्कल) के माध्यम से सांस लेना और एक मास्क के जरिए पानी के नीचे देखना। मिनी स्कूबा डाइविंग समझिए। कम गहराई से समुद्र के पानी की सतह को देखना।
नाश्ते के बाद निकले हम लोग। वेस्टलैंड जेटी से स्टीमर रवाना होना था। स्टीमर पर चढ़ने से पहले फ़ोटोबाज़ी हुई। बिना फोटोबाजी के कोई भी गतिविधि अधूरी होती है। फोटोसेशन के बाद एक-एक करके स्टीमर पर चढ़े। सबने लाइफ़ जैकेट पहने। स्टीमर चलने के पहले जेटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने चेक किया कि सब लोग लोग लाइफ़ जैकेट पहने हैं। सुरक्षा जांच के बाद स्टीमर स्टार्ट हो गया। हम चल दिए पानी की सड़क पर।
स्टीमर स्टार्ट होते ही अधिकतर लोगों ने लाइफ़ जैकेट खोल दिए। लेकिन हम पहने रहे। लोग मस्ती करते हुए, गाने गाते हुए, फोटो खिंचाते हुए समुद्र के नज़ारे देखते रहे। स्टीमर आगे बढ़ता रहा।
पानी में स्टीमर के चलने पर ऐसा लग रहा था कि समुद्र की लहरें भागते हुए स्टीमर का आलिंगन कर रहीं हैं। क्या पता आलिंगन करते हुए मेसेज भी करती हों -Hug you tight. स्टीमर बेचारा लहरों के आलिंगन से अचकचा सा जाता रहा। जैसे ही लहरें स्टीमर को बाहों में लेती, स्टीमर बेचारा आवेग और ख़ुशी के मारे उछल-उछल जाता। लहरें और उछलकर स्टीमर को भिगो देतीं। स्टीमर और लहरें एक दूसरे के आलिंगन में जैसे ही थोड़ा ठहरते, पीछे से आने वाली लहरें फिर से स्टीमर को उछाल देतीं। वह फिर अचकचा जाता। फिर से लहरों और स्टीमर का आलिंगन दृश्य दोहराया जाता। अपन लाइफ़ जैकेट पहने , स्टीमर पर बैठे, हिलते-डुलते समुद्र की लहरों और स्टीमर के रोमांस को देखते रहे।
करीब घंटे भर समुद्र में चलने के बाद कुछ द्वीप दिखे। उनमें से एक बंगाराम द्वीप भी था। इस द्वीप पर ताज ग्रुप के रिसॉर्ट बने हुए हैं। मुख्यत: अंतराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, तैराकी और मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों के लिए सुविधाएं हैं यहाँ। प्राप्त जानकारी के अनुसार ताज ग्रुप ने यह पूरा द्वीप लीज पर लिया है। स्थानीय लोगों को किसी व्यापारिक गतिविधि की अनुमति नहीं है- सिवाय सेवकों के रूप में काम करने के। इसका स्थानीय लोगों द्वारा विरोध भी किया गए लेकिन कुछ हुआ नहीं।
बंगाराम द्वीप से करीब पंद्रह मिनट की दूरी पर ही तिनाकारा द्वीप पर हमारे स्टीमर ने लंगर डाला। इस द्वीप को भी पर्यटकों के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। कई कॉटेज बनी हुईं हैं। कॉटेज के ढांचे बाहर से आए हुए हैं, उनको यहाँ असेंबल कर दिया गया है। एयरकंडीशन लगे हुए इन झोपड़ियों में। अभी सामान रखा है इनमें। तैयार होने के बाद पर्यटक आयेंगे। रहेंगे इन कॉटेज में।
तिनकारा द्वीप पर कुछ देर रुके हम लोग। और लोग भी दूसरे स्टीमरों से आए थे। एक नवविवाहित जोड़ा समुद्र में खड़े होकर तरह-तरह के पोज में फोटो खिंचा रहा था। हमारे ग्रुप के लोगों ने भी कैमरे खोल दिए। जमकर फ़ोटोबाज़ी हुई। लोग बार-बार समुद्र के पानी में जाकर बालू पर और फिर वापस लहरों के बीच आते-जाते, भीगते-सूखते खिंचाते रहे।
वहीं तमाम नारियल के पेड़ भी दिखे। कुछेक ने नीचे पुराने नारियल पड़े हुए थे। हमारे साथ के कुछ लोगों ने नारियल के पेड़ पर चढ़कर भी फ़ोटो खिंचाये।
करीब एक घंटे तिनकारा द्वीप पर बिताने के बाद हम लोग वापस स्टीमर पर आ गए। स्टीमर ने थोड़ी दूर पर चलकर उस जगह पर लंगर डाल दिया जहाँ हमको स्नॉर्कलिंग
करनी थी।
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