Tuesday, August 05, 2025

कोलम्बो के शॉपिंग मॉल में




 सबेरे टूर के कुछ साथियों को भारत के लिए विदा किया। कोलंबो एक दिन और घूमने की सोचकर हम सात लोग रुक गए। शुरुआत से ही वापसी का टिकट इसी लिहाज से कराया था। हम लोग जिस होटल में रुके थे उसे छोड़कर दूसरे होटल में आ गए। यह दूसरा होटल श्रीलंका के समुद्र तट से एकदम नजदीक था। होटल से निकलकर 100 कदम चलते ही सड़क किनारे समुद्र का किनारा । समुद्र की लहरें सड़क के ट्रैफिक के साथ-साथ चलती दिखती। ऐसे जैसे कानपुर में रेलवे लाइन जीटी रोड के साथ-साथ बतियाती जैसी चलती रहती है।

होटल में कुछ देर इंतजार करना पड़ा। कमरे खाली नहीं हुए थे। चेक-इन दोपहर के बाद का था। होटल की लॉबी में बैठकर, इधर-उधर टहलते हुए इंतज़ार किया। कमरे खाली होने पर चेक-इन हुआ । सुबह का नाश्ता क़ायदे से किया था, होटल के लंच के दाम काफ़ी थे और पास में खाने-पीने का ठिकाने लगाने के लिए पर्याप्त सामान बचा था। इन कारणों ने मिलकर तय किया कि होटल में लंच न करके पास में जो सामान बचा है उससे ही काम चलाया जाये।
पेट पूजा के बाद थोड़ी देर आराम करने के बाद शाम को घूमने निकले। टुकटुक करके हम लोग पास के शॉपिंग मॉल वन गाले फ़ेस (One Galle Face) देखने गए। बाजार संस्कृति के हल्ले में शहरों के शापिंग मॉल दर्शनीय स्थलों में तब्दील हो गए हैं। कानपुर में रेव-3 से शुरुआत करके अब जेड स्क्वायर मॉल देखे बिना कानपुर का भ्रमण अधूरा समझा जाता है। लखनऊ में लूलू मॉल देखने लोग आसपास के शहरों से आते हैं। बड़े मॉल भी धर्मस्थलों की तरह दर्शनीय हो गए हैं।
Galle का मतलब खोजने पर पता लगा कि सिंहली में गाले का मतलब ऐसी जगह होता है जहाँ जानवरों के रुकने का ठिकाना होता है। पुर्तगाली लिहाज से गाले का मतलब सौभाग्य, विश्वास और न्याय का प्रतीक होता है। शॉपिंग मॉल के हिसाब से देखा जाये तो दोनों ही मतलब फिट होते हैं। यहाँ मनुष्य (सामाजिक जानवर) आते-(थोड़ी देर) ठहरते और वापस जाते रहते हैं। इसके अलावा मॉल के मालिकों के लिए ये सौभाग्य, (मुनाफे के) विश्वास और न्याय के प्रतीक होते हैं।
One Galle Face एक मामले में अनूठा है कि यहाँ शॉपिंग कांप्लेक्स, होटल, रिहायशी इलाका और आफिस सभी एक जगह हैं। चीनी मल्टीनेशल कंपनी Shangri-La ने इसे 2019 में कोलंबो में शुरू किया था। चीन के सक्रिय सहयोग के चलते पिछले वर्षों हुई आर्थिक तबाही के झटकों से श्रीलंका को अभी तक उबारना बाकी है। आम धारणा हैं कि जिस देश को आर्थिक रूप से तबाह होना है उसे चीन से आर्थिक सहयोग ले लेना चाहिए। भारत में यही बात सत्ताधारी पार्टी से सहयोग के बारे में कही जाती है।
बहुमंजिले One Galle Face के शॉपिंग माल वाले हिस्से में घूमते हुए हमको सामानों से पटी हुई जगर-मगर करती दुकानें दिखीं। लेकिन दुकानों में घुसकर खरीदारी करते लोग बहुत कम दिखे। दुकानों के काउंटर पर लोग अकेले बैठे, ऊबते, ऊँघते जैसे दिखे। खाने वाली दुकानों में भी कम लोग दिखे। यहाँ तक कि जेड स्क्वायर में जिस तरह लोग आते-जाते फ़ोटो खींचते-खिंचाते दिखते हैं वैसी भीड़ भी वहाँ नहीं दिखी।
शापिंग माल में ही होटल Shingri-La होटल दिखा। अब चूँकि हम पहले से ही एक होटल में ठहरे थे इसलिए अंदर नहीं गए। मॉल में ही टहलते रहे।
कपड़ों की दुकानों में तरह-तरह के कपड़े पहने मैनिक्विन खड़ी थीं। अपनी सूनी आँखों से ग्राहकों का इंतजार करती हुई उनकी आँखों में 'अँखड़ियाँ झाईं पड़ी पंथ निहारि-निहारि' वाला भाव झरता दिख रहा था। हमने उनके फ़ोटो लिए और इधर-उधर टहलते रहे। उन मैनिक्विन ने भी इस बात का बुरा नहीं माना। मानती और कुछ कहतीं तो हम कह देते -"बाजार से गुजरे हैं, ख़रीदार थोड़ी हैं।"
शॉपिंग माल घूमते वहाँ एक टुकटुक (ऑटो) के आकार की दुकान लगाए चाय वाला दिखा। दुकान के ऊपर लिखा था -चायवाला कोलंबो (CHAIWALA KOLAMBO) मतलब कोलंबो चाय वाला। पूरे मॉल में हमको वही ऐसी जगह दिखी जहाँ हम बेहिचक खरीदारी कर सकते थे। हमने वहाँ चाय पी। शायद सौ श्रीलंकाई रुपए की एक चाय थी। मतलब भारत के लगभग तीस रुपए के बराबर। भारत के शॉपिंग माल के मुकाबले यह काफ़ी सस्ती थी। पिछले दिनों हमने नोयडा के सिनेमा हाल में 270 रुपए की एक चाय के हिसाब से चाय पी। क्या पता कुछ दिनों में ब्लिंकिट का दायरा और स्पीड इतनी बढ़ जाये कि हम नोयडा के किसी पीवीआर में पिक्चर देखते हुए श्रीलंका के One Galle Face के चायवाला कोलंबो को आर्डर करके चाय मंगा सकें। लेकिन यहाँ सिनेमा हाल में जब घर का पानी तक नहीं ले जाने देते तो श्रीलंका से चाय आने देंगें भला। बहुत बदमाश हैं ये बाजार वाले। हम बेकार ही ट्रंप को गरियाते हैं। वो तो बेचारा बाजार की नौकरी बजा रहा है। जो बाजार कहता है वह कर रहा है।
चाय पीकर हम लोग One Galle Face बाहर आ गए। बाहर आकर टुकटुक ख़रीदे और होटल की तरफ़ चल दिए। सड़क की दायीं तरफ़ समुद्र की लहरें मचलती हुई आतीं और किनारे से टकराते हुए वापस लौट जातीं। चमकदार इमारतों और रोशन सड़कों को देखते हुए हम होटल वापस लौट आए। होटल में खाना खाकर सो गए। अगले दिन हमको बचा हुआ कोलंबो देखना था।

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